नतीजों में इंडो-अमेरिकन समुदाय की बेहद अहम भूमिका, मोदी सरकार आने के बाद रुझान में भी बदलाव आया

अमेरिकी राष्ट्रषपति के चुनाव नतीजों को भारतीयों की भूमिका के लिहाज से भी आंका जाएगा। अमेरिका में इस बार मतदान में शामिल होने वाले करीब 12 लाख भारतीय हैं। अमूमन अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय को डेमोक्रेटिक पार्टी का परंपरागत वोटर माना जाता रहा है।

हालांकि भारत में 2014 में मोदी सरकार आने के बाद इस रुझान में भी बदलाव आया है। पहली बार किसी पार्टी ने भारतीय मूल की महिला को अमेरिका के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है। ये डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस हैं। इस लिहाज से डेमोक्रेटिक कई जगहों पर भारतीय अमेरिकन की पसंद बने हैं। मतदान के बाद अमूमन नतीजों का रुझान मिल जाता है लेकिन अंतिम नतीजों के लिए कुछ इंतजार भी करना पड़ सकता है। क्योंकि कुछ प्रान्तों में बाद में मतगणना की इजाजत दी गई है। पिछली बार पॉपुलर वोट ज्यादा हासिल करने के बाद भी इलेक्टोरल वोट में हिलेरी क्लिंटन हार गई थीं।

पिछले चुनाव की तुलना में इस बार अमेरिकी चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसमें भी एक दिलचस्पा आंकड़ा यह है कि बीते 20 वर्षों में जहां अन्य देशों से आकर यहां बसने वाले मतदाताओं की संख्यां में करीब 93 फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं, यहां के मूल मतदाताओं की संख्यां महज 18 प्रतिशत ही बढ़ी है। अमेरिकी राज्य मैक्सिको में सबसे अधिक विदेशी मूल के मतदाता हैं, जिनकी संख्या करीब 35 लाख है। इनकी संख्या अमेरिका में कुल विदेशी मूल के मतदाताओं की करीब 56 फीसदी है। इसके बाद न्यूयॉर्क, टेक्सास और फ्लोरिडा का नाम आता है जहां करीब दो तिहाई विदेशी मूल के मतदाता मौजूद हैं।

अमेरिका में इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट के बनने के बाद से अमेरिका में विदेशी मूल के नागरिकों की संख्या पांच फीसदी से बढ़कर अमेरिका की कुल जनसंख्या का 13.9 फीसदी तक हो चुकी है। मौजूदा समय में करीब 47 मिलियन विदेशी मूल के नागरिक अमेरिका में रह रहे हैं।

भारतीय तेजी से आगे बढ़ रहे: अमेरिका में 12 लाख भारतीय मतदाताओं के बाद 14 लाख फिलीपींस मूल के और 10-10 लाख चीन और वियतनाम मूल के मतदाता हैं। अमेरिका में भारतीय-यूएस मूल के लोग यहां पर तेजी से आगे बढ़ने वालों में शामिल है।पिछले 20 वर्षों में भारत के अप्रवासी मेक्सिको के अलावा किसी भी देश से अधिक दर पर संयुक्त राज्य अमेरिका में पहुंचे हैं।

एक प्रतिशत से अधिक हैं भारतवंशी: भारतीय-अमेरिकियों की संख्या अब अमेरिकी आबादी के एक प्रतिशत से थोड़ा अधिक है और अमेरिका में पंजीकृत मतदाताओं के लिहाज से एक प्रतिशत से थोड़ा कम 0.82 फीसदी के आसपास है। अमेरिका में भारतीय अमेरिकन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जनसांख्यिकीय के रूप में उभरा है। चुनावी उठापटक के लिहाज से बेहद अहम मिशिगन, न्यू हैम्पशायर और पेंसिल्वेनिया जैसे राज्यों में भारतीय अमेरिकी मतदाताओं की आबादी इन राज्यों में 2016 के जीत – हार के अंतर से अधिक है। ये दर्शाता है कि कैसे यह समूह वोटों की करीबी दौड़ होने पर असर डालता है।

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