बड़ी खबर : मैट्रो में बैठकर तीसरी बार चंडीगढ़ पहुंचने की तैयारी में भाजपा

-केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल एक कलम से हरियाणा के 8 जिलों की 34 विधानसभा सीटों का बदल सकते हैं मिजाज   


रणघोष खास. प्रदीप हरीश नारायण

हरियाणा में 9 साल मुख्यमंत्री रहकर प्रदेश की राजनीति का मिजाज समझ चुके  करनाल से सांसद बने मनोहरलाल खटटर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रीमंडल में आवास, शहरी विकास  के साथ साथ ऊर्जा मंत्रालय बेहद ही सोच समझकर दिया गया है। चार महीने बाद होने जा रहे विधानसभा चुनाव में मोदी सरकार विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट को हरियाणा की जमीन पर उतारने जा रही है। इसमें मुख्य तौर पर मैट्रो परियोजना शामिल है जिसकी फाइल शहरी विकास मंत्रालय की टेबल से होकर गुजरती है। यहा बताना जरूरी है की इस लोकसभा चुनाव में हरियाणा की तीन से चार सीटों पर मैट्रो सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। रोहतक से कांग्रेस सांसद बने दीपेंद्र हुडडा ने मैट्रो को लेकर भाजपा को पूरी तरह से घेर लिया था जिसका तोड़ करने के लिए भाजपा उम्मीदवार डॉ. अरविंद शर्मा को यहा तक कहना पड़ा की उनके जीतने के बाद अगर मैट्रो रोहतक तक नहीं आई तो वे राजनीति से सन्यास ले लेंगे। इसी  तरह गुरुग्राम संसदीय सीट पर भाजपा उम्मीदवार राव इंद्रजीत सिंह ने अपने तमाम भाषण में आरआरटीएस प्रोजेक्ट को प्रमुखता के साथ उठाते हुए संकल्प लिया था की 2009 में स्वीकृत हो चुकी  मैट्रो पहले चरण में रेवाड़ी की बजाय बावल तक चलेगी। चुनाव जीतने के बाद उनका पहला काम यही होगा।  बावल से विधायक हरियाणा के कैबिनेट मंडी डॉ. बनवारीलाल इस परियोजना को लेकर लगातार सीएम से संपर्क में हैं। इतना ही नही साथ लगती राजस्थान की अलवर लोकसभा सीट पर भी चुनाव में यह मुद्दा प्रमुखता के साथ उठा था की 2009 में स्वीकृति यह परियोजना 14 साल बाद भी अलवर तक नही पहुंची। यहां से सांसद बनकर केंद्र सरकार में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री बने भूपेंद्र यादव भी इस परियोजना को लेकर बेहद गंभीर है।   इस चुनाव से कुछ  महीने पहले बतौर सीएम मनोहरलाल इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद ही गंभीर थे। उन्होंने दिल्ली से पानीपत तक स्वीकृत हो चुके मैट्रो के आरआरटीएस प्रोजेक्ट को करनाल तक लाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के अधिकारियों से मीटिंग कर करनाल तक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानि  डीपीआर बनाने को कहा था। इस पर अमल भी शुरू हो गया था। यहा बता दे की एनसीआरटीसी दिल्ली- बावल- अलवर ओर दिल्ली से पानीपत तक आरआरटीएस की फाइल स्वीकृति के लिए शहरी विकास मंत्रालय में भेज चुकी थी। उसे विश्वास था की इस लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले उसे केंद्र से मंजूरी मिल जाएगी लेकिन ऐसा नही हुआ। इस वजह से मैट्रो परियोजना की रफ्तार चुनाव के चलते वही ठहर गईं। अब सीएम से सांसद बनकर शहरी विकास मंत्रालय के मंत्री बने मनोहरलाल के लिए यह परियोजना ही हरियाणा में भाजपा की राजनीति को पटरी पर ला सकती है। इसलिए भाजपा हाईकमान ने बेहद सोची समझी रणनीति के तहत उन्हें यह मंत्रालय सौंपा है।

सीधे 34 से 40 सीटों पर असर डालेगी यह परियोजना

विधानसभा चुनाव में समय बेहद ही कम बचा है। मैट्रो परियोजना का मसौदा पहले से ही तैयार है बस मंजूरी का इंतजार है। केंद्रीय आवास, शहरी विकास मंत्री मनोहरलाल अगर इस पर गंभीरता से अमल करते हैं तो यह प्रोजेक्ट ही सीधे तौर पर हरियाणा की 34 से 40 सीटों पर असर डालेगा। वजह मैट्रो आमजन से लेकर प्रत्येक वर्ग की सबसे बड़ी आवगमन की आवश्यकता बन चुकी है। दिल्ली में मैट्रो की मौजूदगी से इसे समझा जा सकता है। पहले चरण में दिल्ली- गुरुग्राम- रेवाड़ी से बावल तक मैट्रो आने से गुरुग्राम की चार, रेवाड़ी की तीन ओर साथ लगते महेंद्रगढ़ जिले की चार विधानसभा सीटों पर भाजपा का दावा मजबूत हो जाएगा। इन तीनों जिलों का खान पान, रहन सहन ओर आना जाना परस्पर एक दूसरे जुड़ा हुआ है। इन जिलों से प्रतिदिन लाखों लोगों का सड़क व रेल के रास्ते आना जाना लगा रहता है। इसी तरह दिल्ली से बहादुरगढ़ तक पहुंच चुकी मैट्रो रोहतक तक आती है तो झज्जर और रोहतक की चार-चार विधानसभा के लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। इसी तरह दिल्ली से पानीपत तक स्वीकृत आरआरटीएस पर अमल होते ही सोनीपत जिले की छह, पानीपत जिले की चार विधानसभा को प्रत्यक्ष ओर अप्रत्यक्ष तौर पर इसका सीधा फायदा होगा। मनोहरलाल अब हर हाल में  इस परियोजना को करनाल तक लाने में सफल भी होगे। इसकी संभावना भी अब साकार नजर आने लगी है। ऐसा होने पर करनाल की पांच विधानसभा की जनता के लिए मैट्रो की सुविधा किसी वरदान से कम नही होगी। यहा बताना जरूरी है की करनाल संसदीय क्षेत्र में पानीपत भी आता है जहां से मनोहरलाल सांसद बने हैं। इतना ही नही करनाल विधानसभा से विधायक बनकर  नायब सैनी हरियाणा के मुख्यमंत्री है।  जाहिर है जब इन जिलों की जमीन से मैट्रो का संचालन हो जाएगा उसका फायदा साथ लगते अन्य जिलों को भी होगा।

मैट्रो से हर किसी की जिंदगी में आएगा बेहतर बदलाव

मैट्रो सुविधा से सड़क हादसे से घरों में मातम नहीं होगा। इस सुविधा से माता पिता अपने बच्चो के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें दिल्ली व अन्य बड़े शहरों में भेजने में सक्षम महसूस  करेंगे। लाखों रोजगार के अवसर खुल जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्र में क्रांति आ जाएगी।  प्रदूषण पर काफी हद तक कंट्रोल हो जाएगा।  जिंदगी स्वस्थ्य होती चली जाएगी। सबसे बड़ी बात समाज में ऐसा कोई व्यक्ति है जिसे मैट्रो की जरूरत नहीं । सभी को मैट्रो चाहिए। इसलिए भाजपा के लिए विधानसभा चुनाव में मैट्रो परियोजना सीधे तौर पर एक ब्रह्मशास्त्र का काम कर सकती है।