दैनिक रणघोष का महाअभियान

 आइए हम अपने माता-पिता के संघर्ष में एक दिन नहा ले  यह विडियो हम सभी के…

पिताजी बचपन से दिव्यांग तो मां जन्म से देख नहीं पाती थी, दोनों मेरी प्रेरणा है

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. निकिता की कलम…

समझदार हुई तो माता-पिता को संघर्ष करते ही देखा, इस लेख ने तो जीवन के मायने बता दिए

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. नचिता की कलम…

माता-पिता के संघर्ष की कहानी की प्रेरणा नहीं मिलती तो आज हम बहुत गंवा चुके थे

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. नेहा की कलम…

मम्मी छोटी थी नाना- नानी चल बसे, पिता मजदूरी करते बड़े हुए

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. सलोनी की कलम…

गुम चोट होते हुए भी माता-पिता ने अपने दर्द को सांझा नहीं किया

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. हिमांशी की कलम…

माता-पिता जीवनभर संघर्ष में तपते रहे, नमन करती हूं अपने स्कूल को जिसने यह अहसास करवाया

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. कंचन स्वामी की…

दादा बीमार थे, पिताजी 7 वीं तक पढ़ पाए, हम खुब पढ़े इसलिए मम्मी-पापा दिन रात मेहनत करते हैं..

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. ईशिका की कलम…

मम्मी- पापा ज्यादा नहीं पढ़ पाए, उन्हें इतना जरूर पता है बेटी कभी बोझ नहीं होती

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं  रणघोष खास. प्रियंका की कलम…

नानी बीमारी थी इसलिए मां स्कूल नहीं देख पाईं, आज भी पापा के साथ मजदूरी कर हमें पढ़ा रही है

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. सुलमिता की कलम…

मेरी बुआ- फूफाजी ही मेरे माता-पिता है, जिसने जन्म दिया वे तो बचपन में चल बसे

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. मंजू जाट की…

बेटियों को ज्यादा पढ़ाने का रिवाज नहीं था इसलिए मां भी मानसिकता का शिकार हो गईं

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं रणघोष खास. तन्नु की कलम…

पिताजी का काम छूट गया तो मां मजदूरी कर हमें पढ़ाती रही, वह हमारी खुशी को ही अपना मान लेती है

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं अपने माता-पिता के जीवन से…

मेरे माता-पिता हमारे बचपन में अपना बचपन देखते हैँ, उनका तो दो वक्त की रोटी खा गईं

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं अपने माता-पिता के जीवन से…

माता-पिता दिन रात मजदूरी करते हैं ताकि हम अच्छी पढ़ाई करें, हमने उन्हें कभी आराम करते हुए नहीं देखा

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं अपने माता-पिता के जीवन से…

बचपन में टॉफी तक नसीब नहीं हुईं, कभी खेली नहीं, छोटी सी थी नानी चल बसी, मेरी मम्मी को सलाम

  राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं अपने माता-पिता के जीवन…

मुझे गर्व है मेरे माता-पिता के संघर्ष पर

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं  अपने माता-पिता के जीवन से…

मुझे गर्व है मेरे माता-पिता के संघर्ष पर

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बावल की छात्राएं बता रही हैं  अपने माता-पिता के जीवन से…