कोरोना में सरकारी तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है: कप्तान अजय सिंह

ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और कोरोना संक्रमण को लेकर रेवाडी में मचे हुए हाहाकार के बीच सोमवार पूर्व मंत्री कैप्टेन अजय सिंह यादव ने जैन स्कूल  में बने अस्थाई कोविड सेंटर सिविल अस्पताल का दौरा किया। यादव ने कहा कि कोरोना में सरकारी तंत्र पूर्ण रूप से फेल हो गया है। शहर के अधिकांश अस्पताल बाहरी लोगों का ईलाज कर रहे हैं और उनसे मनमानी धनराशि वसुल कर रहे हैं। इनको रोकने में रेवाडी का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से फेल हो चुका है। जैन स्कूल में 150 बेड का अस्थाई अस्पताल खोला है और वहां पर मात्र 2 मरीज हैं जबकि सिर्फ एक डाक्टर दो नर्स हैं। जब वहां पर कोई सुविधा ही नही है तो फिर मरीज वहां आकर करेगें ही क्या। कैप्टेन अजय सिंह ने सवाल किया कि पीएम केयर्स फंड से रेवाडी जिले का कितना पैसा मिला है और उस आवंटित धन में से कितने वेंटिलेटर, कितनी एंबुलेंस या फिर स्वास्थ्य विभाग के लिए क्या खरीदा है। वहीं सिविल अस्पताल की तीसरी मंजिल से एक युवक ने कूदकर अपनी जान दे दी। पूरे अस्पताल की सुरक्षा की टीम क्या कर रही थी, ऐसी लापरवाही का कौन जिम्मेदार होगा। कैप्टेन अजय सिंह ने सिविल अस्पताल में सीएमओ और एसएमओ को कहा कि स्वास्थ्य विभाग को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक तो पारदर्शिता लानी चाहिए। रोजाना वेबसाईट पर डाला जाए कि रेवाडी के किस अस्पताल में कितने मरीज भर्ती हैं और कितने बेड खाली हैं ताकि मरीजों को इधर उधर भटकना पडे। इसके अलावा ज्यादा सिरियस मरीजों के लिए एकदो बेड ऐमेंरजेंसी के लिए रखने चाहिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि निजी अस्पतालों पर लगाम लगाए और रेट निर्धारित करे कि एक मरीज से एक दिन का कितना पैसा लिया जाएगा। कप्तान  ने कहा कि रेवाडी में बुरा हाल हो चुका है। हर जगह नंबर लग रहा है, क्रियाक्रम के लिए नंबर, ऑक्सीजन के लिए नंबर, वैक्सीनेशल के लिए नंबर। आखिर अब तक सरकार कहां सौ रही थी समय रहते हुए सभी चीजों का इंतेजाम क्यों नही किया गया। 

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