कौन हैं दो बलूच महिलाएं, जिन्होंने फिदायीन बन पाकिस्तान में मचा दी तबाही; बर्थडे पर बनी विद्रोही

Baloch Women Suicide Attack: बर्थडे पर फिदायीन बनी आसिफा मेंगल, पाकिस्तान में मची तबाही


बलूचिस्तान में हुए बड़े हमलों के पीछे दो महिला फिदायीन। जानिए कौन हैं आसिफा मेंगल, कैसे बर्थडे पर हथियार उठाकर बनी विद्रोही।


पाकिस्तान में एक साथ कई हमले, दहला देश

शनिवार की रात पाकिस्तान के लिए बेहद भारी साबित हुई। अलग-अलग शहरों में एक साथ हुए हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि इन समन्वित फिदायीन हमलों में करीब 100 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जबकि बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने 140 विद्रोहियों के मारे जाने की बात कही है।

दो महिला फिदायीन का दावा

इन हमलों को लेकर सबसे चौंकाने वाला दावा यह है कि इन्हें दो महिला फिदायीन विद्रोहियों ने अंजाम दिया। बीएलए ने इन हमलों के पीछे महिलाओं की भूमिका का खुलासा करते हुए एक महिला की पहचान आसिफा मेंगल के रूप में की है।

कौन हैं आसिफा मेंगल

बीएलए के अनुसार, 24 वर्षीय आसिफा मेंगल बलूचिस्तान के नुशकी की रहने वाली थीं। उनके पिता का नाम मोहम्मद इस्माइल बताया गया है।
आसिफा का जन्म 2 अक्टूबर 2002 को हुआ था। खास बात यह है कि उन्होंने अपने 21वें जन्मदिन के मौके पर ही हथियार उठाने और बीएलए की मजीद ब्रिगेड में शामिल होने का फैसला किया।

जन्मदिन पर लिया विद्रोह का फैसला

बीएलए का कहना है कि जनवरी 2024 में आसिफा ने खुद को फिदायीन हमलावर बनाने का अंतिम निर्णय लिया। उनका मुख्य लक्ष्य नुशकी में स्थित आईएसआई के मुख्यालय को निशाना बनाना था। मजीद ब्रिगेड को बलूचिस्तान में सबसे खतरनाक हमले करने वाली इकाई माना जाता है।

दूसरी महिला की पहचान अब भी रहस्य

दूसरी महिला फिदायीन की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन बीएलए ने उसकी तस्वीर और एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में वह हथियार के साथ अन्य विद्रोहियों के बीच हंसती नजर आती है। वीडियो में महिला यह कहते हुए दिखती है कि पाकिस्तान की सरकार ने हमेशा बलूच महिलाओं को निशाना बनाया और उनका उत्पीड़न किया है।

वीडियो में उग्र बयान

वीडियो में महिला कहती है कि बलूच राष्ट्र को जागने की जरूरत है और अब दुश्मनों के दिन गिने-चुने रह गए हैं। वह यह भी आरोप लगाती है कि कुछ लोग पैसों के लालच में अपने ही लोगों की जासूसी कर रहे हैं, जो बलूच संघर्ष के साथ विश्वासघात है।

पाकिस्तान पर अब तक का बड़ा हमला

सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बीते कुछ वर्षों में पाकिस्तान पर हुआ सबसे बड़ा और संगठित हमला माना जा रहा है। इससे पहले भी बलूच विद्रोही पाकिस्तान को निशाना बनाते रहे हैं, लेकिन महिलाओं की इस स्तर की भागीदारी ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ी चिंता

इन हमलों के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। साथ ही यह घटनाक्रम पूरे दक्षिण एशिया में सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर रहा है।