बलूचिस्तान में खून-खराबा: इंटरनेट बंद, लाशों के ढेर और पाकिस्तानी सेना पर भारी पड़ा विद्रोह

Balochistan Violence 2026: लाशों के ढेर, इंटरनेट बंद, पाक सेना परेशान | Pakistan News


Balochistan Violence 2026 में पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भीषण हिंसा, 200 के करीब मौतें, इंटरनेट-ट्रेन सेवा बंद। भारत पर लगाए गए आरोपों को भारत ने खारिज किया।


बलूचिस्तान में खून से सनी जमीन, हालात बेकाबू

पाकिस्तान का बलूचिस्तान इस समय गंभीर हिंसा और अराजकता की चपेट में है। बीते दो दिनों के भीतर प्रांत में अभूतपूर्व खून-खराबा देखने को मिला है। अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ों में लगभग 200 लोगों के मारे जाने की खबर है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि प्रशासन को इंटरनेट, ट्रेन और कई सार्वजनिक सेवाओं पर रोक लगानी पड़ी है।

सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान, सैकड़ों मौतों का दावा

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के अनुसार, पिछले 40 घंटों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान 145 विद्रोहियों को मार गिराया गया है, जबकि 17 सुरक्षाकर्मियों की भी मौत हुई है। क्वेटा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि मारे गए सभी आतंकवादियों के शव प्रशासन के कब्जे में हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
सरकारी बयान के मुताबिक, यह संख्या पिछले कुछ वर्षों में एक साथ मारे गए आतंकवादियों की सबसे बड़ी गिनती मानी जा रही है।

इंटरनेट, ट्रेन और सड़कों पर लगा ब्रेक

हिंसा की तीव्रता को देखते हुए बलूचिस्तान में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। इसके साथ ही ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं और कई इलाकों में सड़क मार्ग भी पूरी तरह सील कर दिए गए हैं। क्वेटा सहित कई शहरों में बाजार बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हैं कि घर से बाहर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

आम नागरिक भी बने निशाना

पाकिस्तानी सेना के अनुसार, विद्रोहियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी के आसपास आतंकी गतिविधियां कीं। इन हमलों में आम नागरिक भी चपेट में आए। महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों सहित कम से कम 18 नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है।
सेना का दावा है कि अभियानों के दौरान तीन आत्मघाती हमलावरों समेत दर्जनों आतंकवादियों को ढेर किया गया।

‘घर से निकले तो लौटने की गारंटी नहीं’

क्वेटा के एक दुकानदार हमदुल्लाह ने बताया कि लोग डर के साए में जी रहे हैं। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति घर से निकलते समय नहीं जानता कि वह वापस लौट पाएगा या नहीं। लगातार हो रही फायरिंग, चेकिंग और छापेमारी से आम जीवन पूरी तरह ठप हो गया है।

महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने यह भी खुलासा किया कि पसनी और क्वेटा में हुए कुछ हमलों में महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल किया गया। खुफिया एजेंसियों को पहले से क्वेटा में बड़े हमले की सूचना मिली थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर थीं, फिर भी 12 अलग-अलग स्थानों पर हमले किए गए।

भारत पर आरोप, जवाब में भारत सख्त

बलूचिस्तान में बिगड़ते हालात से बौखलाया पाकिस्तान एक बार फिर भारत पर आरोप लगाने लगा है। हालांकि भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान अपनी घरेलू विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भारत का नाम लेता है।
भारत ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह बलूचिस्तान के लोगों की जायज मांगों पर ध्यान दे और वहां हो रहे अत्याचारों को रोके, बजाय इसके कि वह बाहरी देशों पर दोष मढ़े।

निष्कर्ष

बलूचिस्तान में मौजूदा हालात पाकिस्तान के लिए एक गंभीर आंतरिक चुनौती बन चुके हैं। लगातार बढ़ती हिंसा, नागरिकों की मौत, इंटरनेट और परिवहन सेवाओं का ठप होना यह दर्शाता है कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। आने वाले दिनों में यह संकट पाकिस्तान की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए और भी बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है।