Delhi Crime News 2026 | दिल्ली में पिता ने 12 साल के बेटे की हत्या, मां को भेजा वीडियो

दिल्ली में बाप ने 12 साल के बेटे को तड़पाकर मारा, आंख निकालने की कोशिश; मां को भेजा वीडियो


Delhi Shastri Park Murder Case: दिल्ली के शास्त्री पार्क में पिता ने अपने 12 साल के सौतेले बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात के बाद मां को वीडियो भेजा।


दिल्ली के शास्त्री पार्क में दिल दहला देने वाली वारदात

दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके से एक बेहद खौफनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने अपने 12 साल के सौतेले बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, बच्चे को तड़पाकर मारा गया और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।

यह घटना न केवल इंसानियत को शर्मसार करने वाली है, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है।


मां को भेजा हत्या का वीडियो

जानकारी के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपी पिता ने बच्चे की मां और कुछ अन्य लोगों को खुद इस वारदात की सूचना दी। इतना ही नहीं, उसने सबूत के तौर पर फोटो और वीडियो भी बनाकर भेजे। वीडियो सामने आने के बाद परिवार और परिचितों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।


पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चे के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे और उसके साथ गंभीर क्रूरता की गई थी।

पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।


इलाके में आक्रोश, सवालों के घेरे में पारिवारिक सुरक्षा

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद शास्त्री पार्क इलाके में गुस्सा और डर का माहौल है। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि घरेलू हिंसा और बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को समय रहते कैसे रोका जाए।


कानून के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या और बाल संरक्षण कानूनों की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।