ईरान-अमेरिका युद्ध में बड़ा दावा: 20 साल बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराने का आरोप, पायलट लापता

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच Iran ने एक बड़ा दावा किया है, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। ईरान का कहना है कि उसने अमेरिकी वायुसेना के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है।

अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह पिछले दो दशकों में पहली बार होगा जब किसी विदेशी जमीन पर अमेरिकी वायुसेना को इतना बड़ा नुकसान हुआ हो।


कौन से विमान गिराए जाने का दावा

रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • एक F-15E Strike Eagle को मार गिराया गया
  • एक अन्य A-10 Thunderbolt II को भी निशाना बनाया गया

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार F-15E के एक पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अभी भी लापता बताया जा रहा है।


20 साल में पहली बार ऐसा दावा

सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले 20 वर्षों में ऐसा बहुत कम हुआ है जब किसी देश ने अमेरिकी वायुसेना के आधुनिक लड़ाकू विमान को गिराने का दावा किया हो।

इससे पहले Iraq War 2003 के दौरान A-10 विमान को नुकसान पहुंचा था, लेकिन वर्तमान स्थिति को उससे भी ज्यादा गंभीर माना जा रहा है।


ट्रंप का बयान बनाम ईरान का दावा

इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump का बयान भी चर्चा में है।

दो दिन पहले राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि:

  • “अमेरिका ने ईरान को पूरी तरह कमजोर कर दिया है”
  • “हम अपना मिशन तेजी से पूरा करेंगे”

वहीं दूसरी ओर ईरान लगातार यह दावा कर रहा है कि वह जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और उसने अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।


अमेरिकी सैनिकों को भी नुकसान

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • कुल 365 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं
  • अब तक 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है

घायलों में शामिल हैं:

  • 247 सैनिक (सेना)
  • 63 नौसेना के जवान
  • 36 वायुसेना कर्मी
  • 19 मरीन

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हालिया विमान गिराए जाने की घटना में घायल सैनिक भी इसी आंकड़े में शामिल हैं या नहीं।


क्या कह रहा है अमेरिका

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का कहना है कि:

  • अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान गिराया गया या दुर्घटनाग्रस्त हुआ
  • घटना की जांच जारी है
  • पायलट की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है

एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि घटना की सटीक लोकेशन और कारण की पुष्टि अभी बाकी है।


वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

इस घटना ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है:

  • युद्ध के और भड़कने की आशंका
  • तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
  • मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ने का खतरा