छिड़ गया महायुद्ध? इजरायल ने ईरान पर किया हमला, पूरे देश में आपातकाल; क्या अमेरिका भी कूदेगा जंग में

छिड़ गया महायुद्ध? इजरायल ने ईरान पर किया हमला, पूरे देश में आपातकाल; मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

मध्य एशिया और पश्चिम एशिया पहले ही कई मोर्चों पर तनाव झेल रहे हैं, और अब इजरायल द्वारा ईरान पर हमले की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया है। शनिवार सुबह इजरायल के रक्षा मंत्री ने पुष्टि की कि ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों के बाद पूरे इजरायल में आपातकाल घोषित कर दिया गया है।

बताया जा रहा है कि तेहरान में धुएं का गुबार उठता देखा गया, हालांकि ईरानी सरकार की ओर से फिलहाल आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष के बीच इजरायल-ईरान टकराव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है।


पूरे इजरायल में बज उठे सायरन

ईरान पर हमले के तुरंत बाद इजरायल के कई शहरों में एक साथ सायरन बज उठे। इजरायली सेना (IDF) ने आशंका जताई है कि ईरान की ओर से जवाबी मिसाइल हमला हो सकता है।

इसी संभावना को देखते हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और बंकरों में शरण लेने की सलाह दी गई है। स्कूल, सरकारी कार्यालय और कई सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पूरे देश में युद्धकालीन आपातकाल लागू कर दिया गया है।


तेहरान में धमाके, लेकिन आधिकारिक चुप्पी

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह तेहरान में विस्फोट की आवाज सुनी गई। कुछ स्थानीय लोगों ने आसमान में धुआं उठते देखा। हालांकि ईरान की सरकार ने अभी तक हमले की पुष्टि या खंडन नहीं किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमला सैन्य ठिकानों या परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किया गया है, तो इसका असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजारों पर भी पड़ सकता है।


क्या अमेरिका भी कूदेगा युद्ध में?

इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। अमेरिका पहले ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाए हुए है।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता, तो सैन्य विकल्प से भी परहेज नहीं किया जाएगा।

अगर ईरान इजरायल पर बड़े पैमाने पर जवाबी हमला करता है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि अमेरिका सीधे तौर पर इस संघर्ष में शामिल हो सकता है। ऐसी स्थिति में यह टकराव क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक युद्ध का रूप ले सकता है।


अमेरिका की पहले से थी चेतावनी

हमले से ठीक एक दिन पहले इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने यरूशलेम स्थित दूतावास कर्मचारियों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारियों को ईमेल के जरिए कहा गया कि जो लोग जाना चाहते हैं, वे तुरंत बेन-गुरियन हवाई अड्डे से उड़ान बुक कर लें।

हालांकि ईमेल में यह भी कहा गया था कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सुरक्षा कारणों से देरी न करना बेहतर होगा। इस एडवाइजरी ने पहले ही संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दे दिए थे।


क्या मिडिल ईस्ट में छिड़ गया महायुद्ध?

विश्लेषकों का मानना है कि अगर ईरान ने व्यापक जवाबी कार्रवाई की, तो लेबनान, सीरिया और अन्य सहयोगी गुट भी सक्रिय हो सकते हैं। इससे संघर्ष कई मोर्चों पर फैल सकता है।

तेल आपूर्ति, वैश्विक बाजार, एशियाई देशों की सुरक्षा और महाशक्तियों की रणनीति—सब पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

दुनिया की निगाहें अब तेहरान और तेल अवीव पर टिकी हैं। आने वाले 24 से 48 घंटे यह तय करेंगे कि यह सीमित सैन्य कार्रवाई है या वास्तव में एक बड़े महायुद्ध की शुरुआत।