अरविंद केजरीवाल को अपने दो और नेताओं को जेल भेजे जाने की आशंका

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने अपने दो और नेताओं को जेल भेजे जाने की आशंका जाहिर की है। गुजरात में ‘आप’ विधायक चैतर वसावा की गिरफ्तारी के विरोध में एक रैली के दौरान गुरुवार को केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ऐसा डराने के लिए कर रही है, लेकिन वह और उनके नेता पीछे नहीं हटने वाले हैं। केजरीवाल ने कहा कि गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी और गोपाल इटालिया को गिरफ्तार किया जा सकता है।

केजरीवाल ने डेडियापाड़ा के पीठा ग्राउंड में आयोजित एक रैली में कहा कि नेताओं को जेल में भेजने से उनकी पार्टी और मजबूत हो गई है। कथित शराब घोटाले में जेल जा चुके पूर्व सीएम ने कहा, ‘भाजपा को लगता है कि चैतर वसावा को जेल भेज देंगे तो वह डर जाएगा। वह डराना चाहते हैं, लेकिन चैतर वसावा तो पता नहीं कितनी बार जेल जाल चुका है। अरे भाजपा वालों चैतर वसावा बब्बर शेर है, तुम उसे जेल भेजकर डरा नहीं सकते। इन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल में भेजा। पिछले साल इन्होंने मुझे एक साल तक जेल में रखा। इनको लगा केजरीवाल डर जाएगा। इन्होंने मनीष सिसोदिया को जेल में रखा, इनको लगा कि मनीष सिसोदिया डर जाएगा। इन्होंने सत्येंद्र जैन, संजय सिंह को जेल में रखा इनको लगा पार्टी टूट जाएगी। हमारी पार्टी और मजबूत हो गई। इनसे डरने वाली नहीं है।’

केजरीवाल ने डेडियापाड़ा के पीठा ग्राउंड में आयोजित एक रैली में कहा कि नेताओं को जेल में भेजने से उनकी पार्टी और मजबूत हो गई है। कथित शराब घोटाले में जेल जा चुके पूर्व सीएम ने कहा, ‘भाजपा को लगता है कि चैतर वसावा को जेल भेज देंगे तो वह डर जाएगा। वह डराना चाहते हैं, लेकिन चैतर वसावा तो पता नहीं कितनी बार जेल जाल चुका है। अरे भाजपा वालों चैतर वसावा बब्बर शेर है, तुम उसे जेल भेजकर डरा नहीं सकते। इन्होंने आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल में भेजा। पिछले साल इन्होंने मुझे एक साल तक जेल में रखा। इनको लगा केजरीवाल डर जाएगा। इन्होंने मनीष सिसोदिया को जेल में रखा, इनको लगा कि मनीष सिसोदिया डर जाएगा। इन्होंने सत्येंद्र जैन, संजय सिंह को जेल में रखा इनको लगा पार्टी टूट जाएगी। हमारी पार्टी और मजबूत हो गई। इनसे डरने वाली नहीं है।’

हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार हुए हैं चैतर वसावा

विधायक चैतर वसावा को नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में एक तालुका पंचायत पदाधिकारी पर कथित हमले के बाद हत्या के प्रयास के आरोप में 5 जुलाई की रात गिरफ्तार किया गया था। घटना वसावा के निर्वाचन क्षेत्र डेडियापाड़ा के अंतर्गत प्रांत कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान हुई। वह फिलहाल वडोदरा केंद्रीय जेल में हैं। डेडियापाड़ा थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, बैठक के दौरान वसावा ने स्थानीय स्तर की समन्वय समिति ‘आपणो तालुको वाइब्रेंट तालुको’ (एटीवीटी) के सदस्य पद पर उनकी ओर से नामित व्यक्ति के नाम पर विचार नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई और आक्रोशित हो गए।

वसावा ने कथित तौर पर सागबारा तालुका पंचायत की एक महिला अध्यक्ष को अपशब्द कहने शुरू कर दिए। डेडियापाड़ा तालुका पंचायत अध्यक्ष संजय वसावा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, जब बैठक में शामिल डेडियापाड़ा तालुका पंचायत अध्यक्ष संजय वसावा ने विरोध किया तो विधायक ने कथित तौर पर उन पर मोबाइल फोन फेंककर मारा जिससे उनके सिर पर चोटें आईं। आरोप है कि विधायक ने शिकायतकर्ता पर कांच के गिलास से हमला करने की भी कोशिश की लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया। एफआईआर के मुताबिक जैसे ही कांच टूटा, विधायक ने कांच के टुकड़े उठाए और संजय वसावा की ओर बढ़े तथा उन्हें जान से मारने की धमकी दी लेकिन शिकायतकर्ता किसी तरह भागने में सफल रहा।’