मालेगांव ब्लास्ट केस के बाद बड़ी खबर: Lt Col Purohit को मिला प्रमोशन, Brigadier बनने की मंजूरी

भारतीय सेना में एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है, जिसमें लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नति (प्रमोशन) देने की मंजूरी मिल गई है। यह फैसला उनके 2008 के चर्चित मालेगांव बम विस्फोट मामले में बरी होने के बाद लिया गया है, जिससे उनके सैन्य करियर को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) ने उनके रिटायरमेंट पर रोक लगा दी थी। दरअसल, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित का रिटायरमेंट 31 मार्च 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन न्यायाधिकरण के हस्तक्षेप के बाद इस पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पुरोहित ने अपने प्रमोशन और सेवा से जुड़े अन्य लाभों को लेकर AFT में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधिकरण ने रक्षा मंत्रालय को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि जब तक उनकी वैधानिक शिकायत पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उनकी सेवानिवृत्ति पर रोक बनी रहे।

प्रमोशन को लेकर पुरोहित का पक्ष

AFT के समक्ष पुरोहित ने यह तर्क दिया था कि मालेगांव ब्लास्ट केस में लंबे समय तक चली जांच और अदालती प्रक्रिया के कारण उनके सैन्य करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि इस दौरान उन्हें प्रमोशन के कई अवसरों से वंचित रहना पड़ा, जबकि वे इसके योग्य थे।

उनका कहना था कि जब अंततः अदालत ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया है, तो उनके साथ न्याय करते हुए उन्हें वह पद और सम्मान मिलना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं।

NIA कोर्ट का फैसला: सभी आरोपों से बरी

इससे पहले 31 जुलाई को मुंबई की विशेष NIA अदालत ने लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित सहित सात आरोपियों को मालेगांव ब्लास्ट मामले में बरी कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।

यह फैसला करीब 17 वर्षों तक चली लंबी जांच और सुनवाई के बाद आया, जिसमें सैकड़ों गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे।

अन्य आरोपी भी हुए बरी

इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित के अलावा जिन छह अन्य आरोपियों को बरी किया गया, उनमें प्रमुख रूप से साध्वी प्रज्ञा, मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, सुधाकर चतुर्वेदी, अजय राहिरकर, सुधाकर धर द्विवेदी और समीर कुलकर्णी शामिल हैं।

क्या था 2008 का मालेगांव ब्लास्ट?

29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव शहर में एक भीषण बम विस्फोट हुआ था। यह धमाका भिक्कू चौक इलाके में एक मस्जिद के पास खड़ी मोटरसाइकिल में विस्फोटक लगाकर किया गया था।

इस हमले में छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 95 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरुआत में इस मामले की जांच महाराष्ट्र ATS ने की, जिसे बाद में 2011 में NIA को सौंप दिया गया।

करीब 17 साल तक चली लंबी जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद अंततः सभी आरोपियों को UAPA, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं से बरी कर दिया गया।