पटना NEET छात्रा हत्याकांड: बिहार सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की, पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल

Patna NEET Student Murder Case | CBI Probe Recommended by Bihar Govt | नीट छात्रा हत्याकांड


पटना के चित्रगुप्त नगर में नीट छात्रा हत्याकांड की जांच CBI से कराने की सिफारिश। 17 दिन बाद भी बिहार पुलिस नाकाम, परिजनों ने SIT पर उठाए सवाल।


पटना NEET छात्रा हत्याकांड: अब CBI करेगी जांच

बिहार की राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर इलाके में नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले में अब जांच का जिम्मा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की जांच CBI से कराने के लिए भारत सरकार से औपचारिक आग्रह किया है।

उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर पटना में घटित नीट छात्रा हत्याकांड (कांड संख्या 14/26) की जांच CBI से कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि इस जघन्य घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।


17 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

इस मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि घटना के 17 दिन बीत जाने के बावजूद बिहार पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। विशेष जांच टीम (SIT) का गठन होने के बावजूद न तो अपराधियों की स्पष्ट पहचान हो सकी है और न ही घटना की परिस्थितियों को लेकर कोई निर्णायक निष्कर्ष सामने आया है।

इसी बीच मृत छात्रा के परिजनों ने SIT की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस जांच सही दिशा में नहीं की जा रही और कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है।


डीजीपी से मुलाकात के बाद भड़का परिवार

शुक्रवार को पीड़िता की मां ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार से मुलाकात की थी। लेकिन डीजीपी के आवास से बाहर निकलने के बाद परिजन बेहद नाराज और आक्रोशित नजर आए। पीड़िता की मां ने मीडिया के सामने यहां तक कह दिया कि पुलिस “बिक चुकी है” और बिहार में उनकी बेटी को न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।

परिजनों का आरोप है कि डीजीपी की ओर से यह कहने की कोशिश की गई कि छात्रा के साथ रेप नहीं हुआ था और यह आत्महत्या का मामला है। परिवार को यह बात “मान लेने” की सलाह दी गई, जिसके बाद उन्हें गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मिलने के लिए कहा गया।


FSL रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा

मामले में उस समय बड़ा मोड़ आया जब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में मृत छात्रा के अंतःवस्त्र से पुरुष स्पर्म के अवशेष पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद पुलिस की अब तक की जांच पर और भी सवाल खड़े हो गए हैं।

इसके बाद SIT ने बड़े पैमाने पर डीएनए जांच की प्रक्रिया शुरू की। परिजनों समेत अब तक 30 से अधिक लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके हैं, ताकि डीएनए मिलान के जरिए सच्चाई सामने लाई जा सके।


गृह मंत्री ने तलब किए DGP और मुख्य सचिव

शुक्रवार की शाम गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए DGP और मुख्य सचिव को अपने आवास पर तलब किया। उन्होंने जांच की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और सभी संबंधित अधिकारियों को जांच में पूरी पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश दिए।

इसी उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि मामले की जांच CBI को सौंपना ही उचित होगा, ताकि किसी भी तरह के संदेह, दबाव या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।


CBI दर्ज करेगी फ्रेश केस

अब इस पूरे मामले में CBI एक नया केस दर्ज कर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करेगी। हालांकि, एक अहम बात यह भी सामने आई है कि पीड़ित परिवार ने कभी लिखित रूप में CBI जांच की मांग नहीं की थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने जनभावनाओं, जांच की प्रगति और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए यह सिफारिश की है।


न्याय की उम्मीद

पटना नीट छात्रा हत्याकांड ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। एक मेहनती छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत, पुलिस जांच पर उठते सवाल और परिजनों का गुस्सा—ये सभी बातें इस केस को बेहद संवेदनशील बनाती हैं। अब निगाहें CBI जांच पर टिकी हैं, जिससे पीड़िता को न्याय और दोषियों को सजा मिल सके।