रेवाड़ी में 5 जगह हुई मॉक ड्रिल:मॉल के अंदर सायरन बजाया, एंबूलेंस नहीं पहुंची तो ERV में लेकर गए घायल

रेवाड़ी | बुधवार शाम 4 बजे जिले में आपदा से निपटने की तैयारी का वास्तविक परीक्षण हुआ। प्रशासन द्वारा एक साथ शहर के 5 महत्वपूर्ण स्थानों पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। बीएमजी मॉल में जब 4:06 पर सायरन गूंजा, तो कुछ पल के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मॉल में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित रूप से बेसमेंट में पहुंचाया। थिएटर में मौजूद दर्शकों को भी नीचे शिफ्ट किया गया।

इस अभ्यास के दौरान एक व्यक्ति घायल हुआ, लेकिन निर्धारित समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ऐसे में घायल को पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (ERV) में अस्पताल भेजा गया। यह घटना सिस्टम की समय पर प्रतिक्रिया की वास्तविक स्थिति को उजागर करती है।

भीड़ और ट्रैफिक बना चुनौती

हालांकि यह मॉक ड्रिल आपात स्थिति में प्रशासन की तैयारी को परखने के उद्देश्य से थी, लेकिन मॉल के बाहर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई, जिसे बाद में पुलिस ने हटाया। सबसे बड़ी खामी ट्रैफिक प्रबंधन में देखने को मिली — नजदीकी क्षेत्र में ट्रैफिक डायवर्ट नहीं किया गया था, जिससे दमकल की गाड़ी को घटनास्थल तक पहुंचने में 14 मिनट लग गए।

गांवों में मुनादी और पूरे जिले में अलर्ट

रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि मॉक ड्रिल जिला और उपमंडल मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हिसार में भी आठ स्थानों पर सायरन बजाए जाएंगे और ब्लैकआउट किया जाएगा।

ब्लैकआउट के दौरान सहयोग की अपील

डीसी ने आमजन से अपील की कि वे शाम को ब्लैकआउट के दौरान पैनिक न करें। घरों की लाइटें बंद रखें और प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करें। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की प्रशासनिक क्षमता और जनता की सहभागिता का आकलन करना है।