फटाफट 63,331 लोगों ने ले डाली इस कंपनी की भौकाली SUVs, सेफ्टी में कोई तोड़ नहीं; बिक्री में सीधे 57% की ग्रोथ

कंपनी ने फरवरी 2026 में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलाकर 63,331 यूनिट्स की कुल बिक्री दर्ज की। यह आंकड़ा फरवरी 2025 की 46,811 यूनिट्स के मुकाबले 57% साल-दर-साल (YoY) बढ़त को दर्शाता है। ऑटो इंडस्ट्री में 57% की YoY ग्रोथ किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं मानी जाती है। खास बात यह है कि इन आंकड़ों में कंपनी की इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडियरी टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड (Tata Passenger Electric Mobility Limited) की बिक्री भी शामिल है, यानी पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ EV सेगमेंट भी कंपनी की ग्रोथ में बड़ा योगदान दे रहा है।

बिजनेस यूनिट/सेगमेंट Feb’26 Feb’25 ग्रोथ
PV डोमेस्टिक 62,329 46,435 34%
PV IB 1,002 376 167%
PV टोटल (+ EV) 63,331 46,811 35%
EV IB + डोमेस्टिक 8,385 5,343 57%

EV रेवोल्यूशन में आगे टाटा

 

टाटा मोटर्स (Tata Motors) लंबे समय से भारत में इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट की लीडर मानी जाती है। कंपनी का फोकस मल्टी-पावरट्रेन विकल्प (पेट्रोल, डीजल, CNG, EV), एडवांस कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, सेफ्टी और डिजाइन, जीरो-एमिशन मोबिलिटी पर रहा है। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को आगे बढ़ाने में टाटा (Tata) की अहम भूमिका रही है और यही वजह है कि इसकी EV लाइनअप लगातार लोकप्रिय हो रही है।

दिलचस्प बात यह भी है कि 13 अक्टूबर 2025 से कंपनी का नाम आधिकारिक रूप से टाटा मोटर्स लिमिटेड (Tata Motors Limited) से बदलकर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड (Tata Motors Passenger Vehicles Limited) कर दिया गया। यह बदलाव कंपनी के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है।

क्यों मिल रही इतनी मजबूती?

इसके कई कारण हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण कंपनी के पास मजबूत SUV पोर्टफोलियो, EV सेगमेंट में लीडरशिप, बेहतर सेफ्टी रेटिंग, देशभर में मजबूत डीलर नेटवर्क, नई टेक्नोलॉजी और कनेक्टेड फीचर्स हैं। इन सभी कारणों से टाटा मोटर्स (Tata Motors) की कारों की मांग लगातार बनी हुई है।

फरवरी 2026 में 63,331 यूनिट्स की बिक्री और 57% की शानदार ग्रोथ यह साफ दिखाती है कि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड (Tata Motors Passenger Vehicles Ltd.) भारतीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर रही है। SUV और EV सेगमेंट में कंपनी की आक्रामक रणनीति आने वाले महीनों में और बड़े आंकड़े ला सकती है।