UN Chief vs Trump | एक देश के हुक्म से नहीं चलेगी दुनिया, गुटेरेस का ट्रंप को कड़ा संदेश

एक देश के हुक्म चलाने से दुनिया नहीं चलती, UN चीफ ने डोनाल्ड ट्रंप को धो डाला; भारत पर क्या बोले?


UN Chief Antonio Guterres Statement: संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधते हुए बहुध्रुवीय दुनिया की जरूरत बताई और भारत-EU ट्रेड डील की तारीफ की।


UN चीफ का ट्रंप पर सीधा हमला

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर खुलकर निशाना साधा है। उन्होंने साफ कहा कि किसी एक देश के हुक्म चलाने से दुनिया नहीं चलती और वैश्विक समस्याओं का समाधान इस तरह नहीं हो सकता। गुटेरेस की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक राजनीति तेजी से ध्रुवीकरण की ओर बढ़ती नजर आ रही है।

गुटेरेस ने यह बयान अपने कार्यकाल के 10वें और अंतिम वर्ष की शुरुआत के मौके पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। इस साल के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उनके उत्तराधिकारी का चयन करेगी।


अमेरिका और चीन—दो ध्रुवों की राजनीति पर सवाल

अपने बयान में गुटेरेस ने अमेरिका के साथ-साथ चीन को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया को दो हिस्सों में बांटने की कोशिश हो रही है—एक ध्रुव अमेरिका के इर्द-गिर्द और दूसरा चीन के इर्द-गिर्द।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दुनिया इसी दिशा में आगे बढ़ी, तो स्थिरता, शांति और समान विकास की उम्मीद करना मुश्किल हो जाएगा। गुटेरेस के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों का समाधान किसी एक शक्ति या दो शक्तियों के वर्चस्व से संभव नहीं है।


बहुध्रुवीयता पर जोर, भारत-EU डील की तारीफ

UN चीफ ने बहुध्रुवीय दुनिया की आवश्यकता पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया को स्थिर, शांतिपूर्ण और विकासशील बनाना है तो बहुध्रुवीयता को अपनाना ही होगा।

इसी संदर्भ में गुटेरेस ने हालिया भारत-EU ट्रेड एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए इसे सकारात्मक संकेत बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौते दिखाते हैं कि सहयोग और साझेदारी के जरिए वैश्विक संतुलन बनाया जा सकता है।


ट्रंप को सख्त संदेश

गुटेरेस की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने “बोर्ड ऑफ पीस” के गठन की बात कही थी और उसे संयुक्त राष्ट्र का विकल्प तक बताया था।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गुटेरेस ने साफ कहा कि अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की मूल जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद की ही है। उन्होंने परोक्ष रूप से यह संदेश दिया कि किसी समानांतर व्यवस्था से वैश्विक शांति स्थापित नहीं की जा सकती।


अंतर्राष्ट्रीय कानून पर संकट

गुटेरेस ने मौजूदा वैश्विक हालात पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय कानून को खुलेआम कुचला जा रहा है। देशों के बीच सहयोग कम हो रहा है और बहुपक्षीय संस्थाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।

उनका कहना था कि आज जंग शुरू करने वालों को सजा नहीं मिल रही, जिससे तनाव और अविश्वास बढ़ रहा है और गलत ताकतों को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।


फिर भी उम्मीद नहीं छोड़ेगा संयुक्त राष्ट्र

इतनी चुनौतियों के बावजूद गुटेरेस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र हार नहीं मानेगा। उन्होंने दोहराया कि संगठन वैश्विक शांति, सुरक्षा और सहयोग को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास करता रहेगा।

गुटेरेस का यह बयान साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति में बहुध्रुवीयता बनाम वर्चस्व की बहस और तेज होने वाली है, जिसमें भारत जैसे उभरते देशों की भूमिका और भी अहम हो सकती है।