अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बेहद आक्रामक और संयुक्त सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। हवा और समुद्र से दागी जा रही मिसाइलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों को दहला कर रख दिया है। इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू करने के साथ ही पूरे देश में ‘तत्काल आपात स्थिति घोषित कर दी है। इजराइल के ‘पूर्व-नियोजित’ हमलों के बाद पूरे देश में सायरन बजने लगे।
दिनदहाड़े हमले की रणनीति: ईरान को चौंकाने का प्लान
आमतौर पर इस तरह की बड़ी एयरस्ट्राइक या सैन्य हमले रात के अंधेरे में किए जाते हैं, लेकिन इस बार रणनीति बिल्कुल अलग है।
सरप्राइज एलिमेंट: टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुरुआती हमलों के लिए सुबह का समय जानबूझकर चुना गया ताकि ईरानियों को पूरी तरह से चौंकाया जा सके। ईरान को दिन के उजाले में इतने बड़े और अचूक हमले की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी।
महीनों की प्लानिंग: अमेरिका और इजरायल पूरी तरह से साथ
इजरायली चैनल 12 ने एक अनाम सुरक्षा सूत्र के हवाले से बताया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि इसके पीछे महीनों की संयुक्त योजना है। सूत्रों के मुताबिक, इजरायल इस ऑपरेशन में अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है और अमेरिका भी इस सैन्य कार्रवाई में उसके साथ पूरी तरह से कदम मिलाकर चल रहा है।
चार दिनों का शुरुआती चरण
यह महज एक दिन की स्ट्राइक नहीं है। इस संयुक्त हमले का ‘शुरुआती चरण’ ही कम से कम चार दिनों तक चलने की योजना है। इजरायली अधिकारी भी इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि वे ईरान के साथ कई दिनों तक चलने वाले सीधे टकराव के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
हमले के निशाने पर क्या है?
इजरायली अधिकारी के अनुसार, आज सुबह किए गए इन हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान की ताकत को पंगु बनाना है। हवा और समुद्र से दागी गई मिसाइलों ने मुख्य रूप से ईरानी शासन के प्रमुख ठिकानों और महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाओं को अपना निशाना बनाया है।
क्या बोले ट्रंप?
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि अमेरिका ने ईरान में बड़ा कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम डेवलप कर रहा है और अमेरिका तक पहुंचने के लिए मिसाइल बनाने का प्लान बना रहा है। उन्होंने ईरानी लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपनी सरकार संभालो- यह तुम्हारी होगी।
इस भयंकर सैन्य कार्रवाई के पीछे कूटनीतिक वार्ताओं का विफल होना एक बड़ा कारण है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि वह ईरान के साथ चल रही बातचीत की प्रगति से बिल्कुल खुश नहीं थे। ट्रंप का स्पष्ट मानना है कि ईरान के पास किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और न ही उसे यूरेनियम संवर्धन की कोई क्षमता मिलनी चाहिए। कल ही राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बड़े हमले की पृष्ठभूमि तैयार करते हुए एक कड़ा संदेश दिया था कि कभी-कभी आपको बल प्रयोग करना ही पड़ता है।
संक्षेप में कहें तो, यह हमला ईरान के परमाणु मंसूबों को कुचलने के लिए अमेरिका और इजरायल का एक सोची-समझी रणनीति के तहत उठाया गया बेहद कड़ा कदम है, जिसे पूरी दुनिया सांस रोककर देख रही है।