आईआईटी वाले बाबा बने अभय के अपने निजी फैसलों पर मीडिया अपनी औकात से भी नीचे क्यों गिर रहा है..

रणघोष खास. महाकुंभ से प्रदीप हरीश नारायण की रिपोर्ट

हरियाणा के झज्जर जिले से निकलकर आईआईटी बॉम्बे से पास आउट होकर मनुष्य जीवन के रहस्य को समझने के लिए वैरागी बना अभय ग्रेवाल के लिए अपने फैसलों पर आखिर मीडिया अपनी औकात से भी नीचे क्यों गिरता जा रहा है। कुछ को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश पत्रकार ऐसे बेहुदा सवाल कर रहे हैं मानो इस युवक ने सांसारिक जीवन का परित्याग कर वैरागी के रास्ते पर चलकर कोई अपराध कर दिया हो। अभय ने अपनी पारिवारिक जीवन में आए कई तरह के उतार चढ़ाव को लेकर सत्य क्या बोला की ये मीडियाकर्मी  टीआरपी के महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए  किसी भी हद तक गिरते चले गए। सोचिए अभय ने पूरी ईमानदारी से तमाम सवालों का जवाब दिया क्योंकि वह  सत्य के मार्ग पर चलकर खुद को समझने के लिए निकला था। उधर अभय के दिए जवाबों का जखीरा लेकर ये पत्रकार उसके पिता के पास पहुंचकर ऐसे सवाल कर रहे हैं ताकि वे भावुकता या आवेश में आकर ऐसा कुछ बोल जाए जिससे उनकी मीडिया की दुकानें चल पड़े। मीडिया वालों के लिए महाकुंभ  का यही असली समागम है।  सोचिए अभय तो मीडिया के पास चलकर नही आया था की उसके परिवार ने उसके साथ ज्यादती की है उसे न्याय दिलाया जाए। ना ही उसके माता पिता ने मीडिया को बुलाया की वे उसके पुत्र को समझाए की वह ऐसा नही करे। अभय अगर वैरागी होने का नाटक करता तो वह खुबसूरती से झूठ बोलकर दूसरी कहानी बना सकता था। महाकुंभ में किसी आश्रम के बाहर अकेले बैठे अभय पर न्यूज ऐटिन के पत्रकार की नजर पड़ गई थी। रूटीन की बातचीत में यह पता चला की अभय ने  आईआईटी बोम्बे में एयरोस्पेस से बीटैक किया हुआ है। जिसमें दाखिल मिलना हर साल लाखों युवाओं का सपना होता है। बस यह समाचार वायरल होते ही महाकुंभ में इधर उधर घूमते तमाम मीडिया वाले व यूटयूबर भूखे भेडिए की तरह इस वैरागी पर टूट पड़े। देखा जाए तो अभय के पास धन दौलत शोहरत की कोई कमी नही थी। सांसारिक जीवन में रहकर उसने संबंधों के कई रंग देखे तो वह व्यथित होकर सनातन के रास्ते पर चलकर मनुष्य जीवन के रहस्य को समझने के लिए घूमता हुआ महाकुंभ में पहुंच गया। बस इतनी सी बात थी। एक विडियो में अभय यह कहते हुए नजर आते  हैं की प्रेम का जन्म करूणा से होता है। मोह का जन्म अंहकार से होता है। प्रेम बोलता है, ईश्वर मेरे पुत्र को सभी सुख देंगे ओर मोह बोलता है, की मै अपने पुत्र को सभी सुख दूंगा। अब इस गहराई को अल्पज्ञानी मीडिया वाले क्या जाने। उसे तो बस यह चाहिए की अभय अपने माता को राक्षस बोले ओर उसके पिता अपने बेटे को नशेड़ी। इतना ही नही कुछ मीडियाकर्मी तो इतनी नीचता पर चले गए की उसकी क्लासमेट के साथ ली गई सेल्फी में नजर आई एक लड़की को उसकी प्रेमिका तक बता दिया। अभय ने फिर भी गुस्सा नही किया। अपने अंदाज में इन मीडिया कर्मियों की इस घिनौनी हरकतों पर हंसते हुए सिर्फ इतना कहा की इसकी शादी हो चुकी है। जब मै परेशान था इस दंपति ने ही मेरी काफी मदद की थी। यह फोटो उनके घर की है। सोचिए किस हद तक खुद को नेशनल या नंबर वन होने का पांखड करने वाला मीडिया सूचना के इस गंदे बाजार में एक युवक की भावनाओं से किस कदर खेल रहा है। पता नही महाकुंभ में मीडिया की यह जमात क्या सोचकर, किस इरादों के साथ क्या करने जाती है। क्या इनके घर परिवार में विवाद नही होते।  माता पिता,  पुत्र के बीच आपसी झगड़े होना रोजमर्रा जीवन में आम बात है। क्या ऐसा कोई घर है जो इनसे अछूता रहा हो। अगर यही अभय डिप्रेशन में रहकर सुसाइड कर लेता तो यही मीडिया उसके माता पिता को हत्यारा बताकर ना जाने क्या क्या कह डालता। जबकि अभय जैसे सैकड़ों उदाहरण सभी धर्मों में मिल जाएंगे जिन्होंने करोडों, अरबों की दौलत, शोहरत का त्याग कर वैरागी व सन्यासी जीवन अपना लिया। इसलिए इस महाकुंभ के बहाने मीडिया का मूल चरित्र एक बार फिर सामने आ रहा है।  पत्रकारों का चोला पहनकर इस महाकुंभ में तरह तरह की रिल बनाने वाले जिसका कोई स्तर नही है। तर्कहीन, अर्थहीन बेहूदा सवालों से सोशल मीडिया पर सनसनी फैला रहे हैं ताकि उनके चैनल को ज्यादा से ज्यादा देखा जाए जिससे यू टयूब से उनकी कमाई होती रहे।