138 गांवों के सबसे बुजुर्ग दंपति मकर संक्राति पर एक साथ करेंगे हवन यज्ञ, एक दूसरे को पहनाएंगे माला, बिखरेगी संस्कारों की सुंगध
कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह की यह सोच उन्हें राजनीति से बड़ा एक बेहतर इंसान होने का अहसास करा रही है।
दैनिक रणघोष में आज से आप पढ़ेंगे गांवों के सबसे बुजुर्ग दंपति के जीवन की कहानी
आमतौर पर जनप्रतिनिधि विकास की और इधर उधर की समस्याओं को दूर करना ही अपनी उपलब्धि मानते हैं। ऐसा भी नहीं है। कोसली से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव नववर्ष 2021 के आगमन पर संस्कारों की सुगंध बिखेरती ऐसी मुहिम शुरू कर रहे हैं जो परिवार- समाज की जड़ों को मजबूत करेगी। लक्ष्मण यादव का मानना है कि विकास की असली परिभाषा इंसान की सकारात्मक सोच, संस्कार और एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना होती। बिजली- पानी- सड़क या अन्य तरह की समस्याओं से व्यक्ति विशेष का विकास जरूर हो जाता है। परिवार-समाज और राष्ट्र का निर्माण केवल बेहतर सोच से ही कमजोर- मजबूत होता है। हम सभी अपने आस पास के माहौल से महसूस कर रहे हैं उसमें संस्कार और मूल्य की गरिमा बहुत पीछे छूट गई ई है। नैतिकता मजाक बन रही है। इसलिए सामाजिक तोर पर समाज बिखर रहा है। इसकी प्रमुख अपने घरों में अपने बड़े बुजुर्गों की हो रही अनदेखी है। क्या कभी ईमानदारी से मंथन किया जिस बेहतर परिवेश में हम जिंदगी जी रहे हैं उसे बनाने में हमारे बुजुर्गों ने कितना संघर्ष किया होगा। उस समय सीमित साधन थे। आज जब वे उम्र के ढलान पर है तो हम उन्हें अकेला छोड़ अपनी मनमौजी जिंदगी जी रहे हैं। अगर इस मानसिकता को नहीं रोका गया तो समाज विकृत हो जाएगा। विकास की परिभाषा खंडित नजर आएगी। हम जिम्मेदार लोगों का दायित्य है कि हम जाति-पाति और राजनीति से ऊपर उठकर समाज के स्वस्थ्य निर्माण में अपनी भागेदारी को सुनिश्चित करें। यहीं सोचकर हमने तय किया 2021 की शुरूआत अपने कोसली विधानसभा के सभी 138 गांवों में रह रहे सबसे उम्रदराज दंपति के सम्मान से होगी। हम उन्हें यह बताना चाहते हैं कि वे अपने परिवार की नहीं पूरे समाज की धरोहर है। उन्हें नमन करके ही हम बेहतर इंसान- समाज और राष्ट्र के निर्माण की परिकल्पना को साकार कर सकते हें।
