वंदे मातरम विवाद को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। उनके खिलाफ एआईसीसी हेडक्वार्टर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ गायन में कथित तौर पर बाधा डालने का आरोप है।
सुप्रीम कोर्ट के वकील शुभ शर्मा ने कहा, अब ‘वंदे मातरम’ का दर्जा हमारे राष्ट्रगान के बराबर है। इसलिए, यह कानून अब सोनिया गांधी सहित हर व्यक्ति पर लागू होता है। उन्होंने कहा, वे एक बहुत वरिष्ठ नेता हैं। उनके हर काम का असर करोड़ों लोगों पर पड़ता है। अगर वे सार्वजनिक रूप से इस तरह ‘वंदे मातरम’ का विरोध करते हैं, तो देश इसे बर्दाश्त नहीं कर पाएगा।
बीजेपी का क्या आरोप?
बीजेपी कांग्रेस पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगा रही है। भाजपा ने आरोप लगाया था कि शनिवार को पार्टी के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम गाए जाने पर कांग्रेस नेताओं– सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने उसके प्रति ‘घोर अनादर’ दिखाया।
कांग्रेस ने यह कहते हुए इस आरोप को खारिज किया कि राष्ट्र गीत का पूरा संस्करण गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी, बल्कि सोनिया गांधी सिर्फ पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि वह कुछ समय से खड़े थे।