आरपीएस शिक्षण संस्थान के संस्थापक डॉ. ओपी यादव का निधन

चारों तरफ शिक्षा की सुगंध फैलाकर चुपचाप दुनिया से चले गए


रणघोष अपडेट. हरियाणा. नारनौल. रेवाड़ी


आरपीएस शिक्षण संस्थान के संस्थापक  79  वर्षीय डॉ. ओपी यादव एडवोकेट का शनिवार देर रात ब्रेन हेमरेज अटैक से निधन हो गया। शुक्रवार देर रात उन्हें यह अटैक हुआ था।  उन्हें गुरुग्राम स्थित मेंदाता  अस्पताल में भर्ती कराया गया। काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।  घटना का पता चलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गईं। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि शिक्षा की गतिविधियों में हर समय सक्रिय रहने वाला यह शख्स अचानक चुपचाप दुनिया से विदा लेकर चला जाएगा। पता चलते ही काफी संख्या में लोग कनीना स्थित उनके पृतक निवास पहुंच गए। कनीना में सिहोर रोड पर स्थित आरपीएस फार्म हाउस पर रस्म की सभी क्रियाओं को पूरा किया जाएगा।

यह विधि का विधान है कि इस दुनिया में जो आया है उसे एक एक दिन जाना ही पड़ेगा। यह भी सत्य है कि व्यक्ति चला जाता है लेकिन उसका व्यक्तित्व हमेशा जिंदा रहता है। डॉ. ओपी यादव शिक्षा के क्षेत्र में एक हस्ताक्षर बनकर अपनी मौजूदगी का अहसास कराते रहेंगे। सोचिए और मंथन करिए महज 24 सालों में इस शख्स ने आरपीएस शिक्षण संस्थान को शिक्षा का विराट वृक्ष बना दिया था जिसकी छांव में 13 स्कूल, 7 कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे 36 हजार से ज्यादा विद्यार्थी एवं अपनी सेवाएं दे रहे 6500 शिक्षक, कर्मचारी चारों तरफ शिक्षा की सुगंध फैला रहे हैँ। गांव खातौद में 21 जून 1943 को जन्में इस युवा ने स्कूली पढ़ाई करने के बाद देश सेवा के लिए वायु सेना में भर्ती हो गए। उसके बाद वकालत की पढ़ाई की और प्रेक्टिस शुरू कर दी। अपने पेशे से इलाके में खूब मान सम्मान कमाया।  उस समय यह क्षेत्र शिक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह से पिछड़ा हुआ था। ओपी यादव ने जीवन में एक बड़ा निर्णय लिया और 1998 में छोटा सा स्कूल खोल दिया। बेटा मनीष राव ने सरकारी सेवाओं के अवसरों को त्याग कर पिता के इस विजन को साकार करने के लिए 1999 में स्कूल की बागडौर संभालना शुरू कर दिया। दिन रात घर घर जाकर शिक्षा की अलख जगाईं। देखते ही देखते 24 सालों में आरपीएस शिक्षण संस्थान ना केवल हरियाणा बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब हो  गया। इन सालों में हरियाणा एवं राजस्थान में 13 स्कूल, 7 कॉलेजों की स्थापना हुईं। वर्तमान में 36 हजार विद्यार्थी इन संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर अपने बेहतर भविष्य की आधारशिला को मजबूत कर रहे हैं। 6500 से ज्यादा शिक्षक एवं कर्मचारियों को योग्यता के आधार पर रोजगार मिला हुआ है। शिक्षाविदों के अनुसार डॉ.ओपी यादव का अचानक चले जाना शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति है। शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकारों की तमाम योजनाएं कई सालों से जमीन पर संघर्ष करती नजर आ रही है। वहीं साधारण व्यक्तित्व के धनी डॉ. ओपी यादव बेहतर शिक्षा के आइकान बन गए। हजारों विद्यार्थी आरपीएस शिक्षण संस्थान से निकलकर देश विदेश में  नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। डॉ. ओपी यादव अपने पीछे पत्नी बिमला देवी, दोनों बेटे नरेंद्र राव एडवोकेट, मनीष राव सीईओ आरपीएस शिक्षण संस्थान, पुत्रवधु पवित्रा राव पत्नी नरेंद्र राव चेयरपर्सन आरपीएस ग्रुप एवं प्रेम राव पत्नी मनीष राव के साथ पोते पोतियों को शिक्षा संस्कार की विरासत देकर चले गए।

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