संयुक्त किसान मोर्चा के आवाहन पर तीन कृषि काले कानूनों की होली, होली के दिन जलाई जाएगी। इस आशय की जानकारी देते हुए किसान आंदोलन में सक्रिय एवं संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा की खेती-बाड़ी को कॉर्पोरेट के शिकंजा से बचाने के लिए किसान आंदोलन कदम ब् कदम आगे बढ़ता रहेगा। किसान आंदोलन पूरे समाज का आंदोलन बन चुका है। गांव की गलियों में इस आंदोलन की गूंज पैदा हो चुकी है। कृषि कानूनों के विरोध में लगातार आयोजित जन पंचायतों ने इस आंदोलन को हर घर का आंदोलन बना दिया। होली वाले दिन महिलाएं जब होली पूजन पर जाएंगी तो अपने साथ काले कानूनों के प्रतिलिपि या भी लेकर जाएंगे और उनको होली का दहन के साथ जलाया जाएगा।