कोयला घोटाला: ममता के मंत्री मलय के घर पर सीबीआई की छापेमारी

रणघोष अपडेट. देशभर से 

सीबीआई ने बुधवार को ममता बनर्जी सरकार के कानून मंत्री मलय घटक के घर पर छापेमारी की है। यह छापेमारी कथित कोयला घोटाला के मामले में हुई है। बताना होगा कि बुधवार को ही आयकर विभाग गहलोत सरकार के मंत्री राजेंद्र यादव के कई ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है। यह छापेमारी राजस्थान मध्याह्न भोजन कथित घोटाला मामले में हुई है। पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले में मलय घटक के तीन घरों पर और कोलकाता के लेक गार्डन इलाके में स्थित एक घर पर सीबीआई के अफसर पहुंचे। इसके अलावा भी सीबीआई ने कोलकाता में कोयला घोटाला मामले में कई जगहों पर दबिश दी है।

अभिषेक बनर्जी से पूछताछ

यहां याद दिलाना होगा कि ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी से भी जांच एजेंसी ईडी कोयला घोटाले के मामले में पूछताछ कर रही है। अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजिरा बनर्जी से भी पूछताछ की जा चुकी है।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है हालांकि उनसे देश छोड़कर नहीं जाने के लिए भी कहा गया है। बीते शुक्रवार को ईडी ने अभिषेक बनर्जी से इस मामले में 8 घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी पर हमला बोला था और कहा था कि वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। मलय घटक आसनसोल उत्तर सीट से विधायक हैं और एक बार जांच एजेंसी के सामने पेश भी हो चुके हैं। हालांकि इसके बाद ईडी की ओर से इस मामले में भेजे गए कई समन के बाद भी वह पेश नहीं हुए थे। ईडी ने इस मामले में पश्चिम बंगाल में तैनात 8 आईपीएस अफसरों को भी पूछताछ के लिए समन किया था। तब ममता बनर्जी ने कहा था कि सीआईएसएफ से पूछताछ करने के बजाए जांच एजेंसी राज्य पुलिस के अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाकर उनका उत्पीड़न कर रही है।

क्या है मामला?

सीबीआई ने पूर्वी कोलफील्ड लिमिटेड के कुनुस्तोरिया और कजोरिया कोयला क्षेत्रों से अवैध खनन और कोयले की चोरी की जांच के लिए नवंबर, 2019 में मामला दर्ज किया था। आरोप है कि कोयला माफिया ने बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को नियमित रूप से घूस दी थी। पिछले कुछ महीनों में तृणमूल कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। ममता सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को स्कूल भर्ती घोटाले के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। अर्पिता मुखर्जी के घर से करोड़ों रुपये भी बरामद हुए थे। इसके बाद सीबीआई ने बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख अनुब्रत मंडल को भी पशुओं की तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था।