रणघोष खास. एक पाठक की कलम से
वैसे तो मुजरा कोठे पर या राजा महाराजाओं के रंग महल में होता रहा है। खुद को इज्जतदार, समाज में खास रसूक रखने वाले सांझ ढलते ही अंधेरे में कोठे पर पहुंच रातभर इसका आनंद लेते हैं। सुबह होते ही समाज में बेहद ही संजीदगी,सलीके और जिम्मेदारी के साथ नजर आते हैं। कुछ ऐसी ही अनुभूति इस बार लोकसभा चुनाव में नजर आईं। जब हमारे देश की मीडिया ने चुनाव के दरम्यान खुलेआम इशारों ही इशारों में भरी सड़क पर बेशर्म, बेपर्दा होकर जमकर मुजरा किया। ठुमके ऐसे लगाए जिसे देखकर देश की जनता सकपका गईं और चुनाव आयोग को सांप सुंघ गया। कमाल देखिए मीडिया का एक एक ठुमका आग लगाता नजर आया। ऐसा करने के लिए किसी ने मजबूर नही किया। नेताओं ने हैसियत के हिसाब से मीडिया से मुजरा करवाया। जिसके पास मीडिया से मुजरा कराने की गुंजाइश नही थी वह हाथ जोड़कर चुपके से निकल गया। दरअसल चुनाव में मीडिया के अलावा कोई मुजरा नही कर सकता। इसकी वजह भी है। मीडिया अपनी अदाओं से सभी को अपने जाल में फांस लेने की अदभुत क्षमता रखती है। पहले वह भरोसे का मायाजाल फैलाकर हर किसी को अपने में वशीभूत करने का प्रंचड फैलाती है। इसके बाद वह अपनी असली रंगत में आकर अपना खेल कर जाती है। आइए अब जानते हैं की चुनाव में मीडिया ने कैसे और किस तरह से मुजरा किया। जब भी चुनाव की घोषणा होने के बाद उम्मीदवार मैदान में उतर आते हैं। उस समय मीडिया का मुजरा शुरू हो जाता है। मुजरा करने वाले की तरफ से दलाल उम्मीदवार से संपर्क साधता है। हैसियत और प्रभाव के हिसाब से उम्मीदवार को जनता के सामने असरदार बनाने के लिए रेट तय होते हैं। जितना अच्छा भाव उतनी ही शानदार प्रस्तुति। मीडिया ने समाज के सामने मुजरे का नाम पैकेज रखा हुआ है। इसका रेट अलग अलग जगह हैसियत के हिसाब से तय होता है। इसलिए देखा होगा मीडिया उस उम्मीदवार का ज्यादा मुजरा करता नजर आया जिसने पैकेज के रेट सबसे ज्यादा लगाए थे। जिसने कम दिए मुजरा भी उसी हिसाब से हुआ। जो नही कर पाया उसकी चुनाव में हैसियत ही खत्म कर दी। यह तो भला हो दूर से मीडिया का मुजरा देखने वाली जनता का जिसने मीडिया के मुजरे के असर से खुद को काफी हद तक बचाए रखा। कुल मिलाकर जिस मीडिया का काम मुजरे जैसी कुप्रथा को खत्म करना था वह चुनाव के बाजार में अलग अलग चेहरों में मुजरा ही करती नजर आईं। लिखकर बताना इसलिए जरूरी था ताकि पैरो में घुंघरू की आवाज सुनकर आप अलर्ट हो जाए।