तवांग झड़प पर लोकसभा में बोले राजनाथ सिंह, न तो हमारा कोई जवान शहीद हुआ और न कोई गंभीर जख्मी

रणघोष अपडेट. देशभर से 

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट भारत और चीन की सेना के बीच हुई झड़प पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को संसद में अपना बयान दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि 9 दिसंर को सथास्थिति बदलने की कोशिश हुई थी। उन्होंने कहा कि हमारा कोई सैनिक शहीद नहीं हुआ है और ना हमारा कोई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि चीन ने सीमा में घुसपैठ की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को पीछे खदेड़ने का काम किया। चीन के सैनिकों को पीछे जाना पड़ा। राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई। रक्षा मंत्री ने कहा कि हम सेना के शौर्य का अभिनंदन करते हैं। इससे पहले बताया जा रहा है कि राजनाथ सिंह ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान, तीनों सेना प्रमुख, विदेश सचिव एवं रक्षा सचिव भी शामिल थे। वहीं, डिफेंस सोर्स का हवाला देते हुए न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने बताया, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी देंगे। सुरक्षा बलों ने उन्हें हाल ही में तवांग में दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच हुई झड़पों के बारे में अपडेट किया। कांग्रेस के कुछ सांसदों ने भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट झड़प की घटना को लेकर मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग करते हुए कार्यस्थगन के नोटिस दिए हैं। पार्टी सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में नोटिस देकर मांग की है कि प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य विधायी कार्यों को रोककर इस विषय पर चर्चा कराई जाए। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार तवांग और चीन की सीमा से लगे अन्य क्षेत्रों की स्थिति के बारे में सदन को सूचित करें क्योंकि यह भारत की संप्रभुता और स्वतंत्रता से जुड़ा विषय है। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सैयद नासिर हुसैन ने भी उच्च सदन में एलएसी पर झड़प के विषय को लेकर नियम 176 के तहत अल्कालिक चर्चा की मांग की है। कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी छवि बचाने के लिए देश को खतरे में डाल रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा था कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए और सरकार को देश को भरोसे में लेना चाहिए।

बता दें भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई थी, जिसमें ‘‘दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए।” भारतीय सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी थी।

अरुणाचल-पूर्व से भाजपा सांसद तपीर गाव ने कहा कि 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में पीएलए और भारतीय सेना के बीच झड़प हुई और इसमें हमारे सेना घायल हुए हैं लेकिन पीएलए में ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सीमा पर तैनात भारतीय जवान एक इंच भी नहीं हिले। अब स्थिति ठीक है। ये जो भी हुआ वह निंदनीय है।