बदल जाएगी रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव की तस्वीर, बड़ा फेरबदल
–खुलासा इसलिए नही कर रहे की चुनाव की अपनी मर्यादा है। वरना हालात तो यह कर रखे हैं की मीडिया और राखी सावंत में से यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है की दोनों में सर्वश्रेष्ठ कौन है।
रणघोष अपडेट. ग्रांउड रिपोर्ट
आने वाले कुछ ही घंटों में नगर परिषद रेवाड़ी के चुनाव की तस्वीर पूरी तरह से बदलने जा रही है। बड़ा फेरबदल होगा। ऐसा हो जाने से अब किसी भी प्रमुख प्रत्याशी की जीत आसान नही होगी। मुकाबला अब पूरी तरह से दो बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा और भविष्य की राजनीति वजूद को बचाए रखने पर आकर ठहर जाएगा। इस बार भी चुनाव की सबसे बड़ी खास बात यह रहेगी की जनता वोट देकर भी हार जाएगी। उन्हें वही बर्दास्त करना पड़ेगा जो सालों दर सालों करते आ रहे हैं। भ्रष्टाचार पहले से ज्यादा इसलिए राज करेगा की उसके रंग में रंगे कपड़ों को पहनकर ही प्रमुख प्रत्याशी मैदान में हैं जो जीतने के लिए एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का ड्रामा इसलिए कर रहे हैं की उन्हें पता है की कीचड़ और भ्रष्टाचार दोनों का कलर एक जैसा है। इसलिए कोई पहचान नही पाएगा की असली भ्रष्टाचारी कौन है। त्रिकोणीय मुकाबले की जो आहट पिछले तीन चार रोज से महसूस की जा रही थी वह अलग अलग सोच व गणित से वापस वही लौट गई जहां से शुरू होनी थी। इतना जरूर है की दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच होने जा रही इस जंग में दोनों तरफ से अंदरखाने कदम कदम पर प्रतिघात होगा, छल होगा लेकिन आपस में भरोसा नही होगा। यह चुनाव सबसे ज्यादा फायदेमंद दोनों राजनीतिक दलों के उन पदाधिकारियों, चाटुकारों व बाजारू कार्यकर्ताओं के लिए रामबाण की तरह होगा जिसके पास खोने को कुछ नही है और जमीन पर कोई हैसियत नही है। बस आला कमान को खुश करने की महारत जरूर उनके पास जरूर होती है। इसलिए बेहद ही चालाकी से दोनों हाथों में लडडू लेकर चल रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए राजनीति का मतलब ही मनी एंड मसल पॉवर है। सही मायनों में चुनाव में इस तरह के समीकरण उन नेताओं के लिए यह चुनाव चुनौती बन जाते है जो पूरी तरह से जिम्मेदारी व जवाबदेही में बंधे हुए होते हैं। वे चाहकर भी अपनी मन की बात सार्वजनिक तौर पर नही कह सकते। कुल मिलाकर कुछ ही घंटों में रेवाड़ी नगर परिषद का चुनाव बड़ा घटनाक्रम लेने जा रहा है। हम फटाफट खुलासा इसलिए नही कर रहे की चुनाव की अपनी मर्यादा है जिसे बनाए रखना बहुत जरूरी है। वरना हालात तो गली मोहल्लों में यह कर रखे हैं की मीडिया और राखी सावंत में से यह तय कर पाना मुश्किल हो रहा है की दोनों में सर्वश्रेष्ठ कौन है।