रणघोष खास. सुभाष चौधरी
अंबाला नगर पालिका में ईओ के पद पर रहते हुए कैंट एरिया में नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी करने के आरोप में नगर परिषद रेवाड़ी में ईओ के पद पर कार्यरत स्टेट केके यादव को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस ईओ अभय सिंह यादव को भी भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़ चुकी है।
नगर परिषद में भ्रष्टाचार होता नहीं बहता है। जिसका मौका लगा वहीं हाथ धो रहा है। कमाल की बात यह है कि भ्रष्टाचार करने वाले का आत्मविश्वास इतना गजब का होता है कि वे जिस शान से पकड़े जाते हैं उसी अंदाज में वापसी भी करते हैं। सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार कहां से शुरू होकर कहां जाकर खत्म होता है। इसका खुलासा अभी कोई भी ताकतवर जांच एजेंसी नहीं कर पाई है। इसलिए इसमें जो भी पकड़े जाते हैं उसमें अधिकांश खरगोश की चाल के होते हैं। कुछए की रफ्तार वाले बहुत कम पकड़ में आते हैं वजह वे संभल संभल कर चलते हैं। हम मीडिया वालों के लिए भ्रष्टाचार की खबरें अब उसी तरह की हो गई हैं जिस तरह सावन में पौधारोपण अभियान के प्रेस नोट जारी होते हैं। दोनों में समानता यह है कि हर साल उसी जगह पौधे लगते हैं जहां पिछले दरम्यान लगाए थे। इसी तरह भ्रष्टाचार में सस्पेंड होने के बाद अधिकारी- कर्मचारी कुछ माह आराम करने के बाद उसी सीट पर डयूटी करते हुए नजर आते हैं। ना पौधारोपण अभियान अपने विजन को पूरा कर पाता है ओर ना भ्रष्टाचारी परेशान होकर ईमानदारी की मिशाल कायम कर पाते हैं। सालों से यह सिलसिला चलता आ रहा है और आगे भी चलता रहेगा। इसलिए ईओ केके यादव गिरफ्तार हो गए खबर तो बनती है लेकिन हैरान नहीं करती।