भारत में आ गई है कोरोना वायरस की दूसरी लहर? ये आंकड़े दे रहे टेंशन

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में भारत जीत की ओर बढ़ते-बढ़ते एक बार फिर पीछे खिसकता दिख रहा है। फरवरी महीने के मध्य तक ऐसा लगता रहा कि भारत में कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ रही है जल्द ही भारत इस पर जीत पा लेगा लेकिन कई राज्यों में एक बार फिर से रोज हजारों केस सामने आने के बाद अब ऐसा लग रहा है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई है।

1. देशभर में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में बढ़ोतरी

भारत में कोरोना संक्रमण के सात दिनों का औसत 11 फरवरी को खत्म हुए सप्ताह की तुलना में 67 प्रतिशत बढ़ गया है। जहां 11 फरवरी तक देश में रोजाना 10 हजार 988 नए मामले सामने आए थे वहीं, बीते बुधवार तक के सप्ताह में 18 हजार 371 नए केस रिपोर्ट हुए। इससे साफ है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर आ गई है।

2. जिन राज्यों में मामले राष्ट्रीय औसत से दोगुने तेजी से बढ़ रहे हैं

बीते तीन महीने से किसान आंदोलन देखने वाला पंजाब इस बार कोरोना का नया हॉटस्पॉट बनकर सामने आया है। अगर आंकड़ों को देखें तो यहां कोरोना की पहली लहर की तुलना में अब नए मामले 509 प्रतिशत बढ़ गए हैं। यहां 27 जनवरी तक के हफ्ते में हर दिन कोरोना के 181 नए मामले रिपोर्ट हो रहे थे। हालांकि, इसके बाद पंजाब में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे।

पंजाब के बाद महाराष्ट्र में एक बार फिर कोरोना के नए मामलों में तेजी देखी जा रही है। यहां 11 फरवरी वाले हफ्ते की तुलना में नए केस 331 प्रतिशत बढ़ गए हैं। फरवरी में जहां महाराष्ट्र में औसतन हर दिन 2 हजार 415 नए कोविड केस सामने आ रहे थे तो वहीं यह औसत बढ़कर अब 10 हजार 410 हो गया है।

सटीक आंकड़े देखें तो महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। राज्य में अब तक कोरोना के 11 लाख 52 हहजार 57 मामले आ गए हैं तो वहीं बुधवार तक कोरोना ने कुल 52 हजार 610 लोगों की जान ली है। बीते हफ्ते कोरोना के देशभर में आए नए मामलों में से आधे से ज्यादा महाराष्ट्र में थे।

हरियाणा तीसरा राज्य है जहां कोरोना का सात दिनों का औसत 302 प्रतिशत बढ़ गया है। फरवरी 8 तक के हफ्ते में हर दिन का औसत जहां 74 था वहीं बीते हफ्ते यह बढ़कर 297 हो गया है।

इन राज्यों के बाद मध्य प्रदेश में 164 प्रतिशत, दिल्ली में 140 प्रतिशत केस बढ़े हैं।

3. संक्रमण दर फिर बढ़ना शुरू

बीते हफ्ते भारत में हुए कोरोना के कुल टेस्ट में से औसतन 2.6 प्रतिशत लोग पॉजिटिव पाए गए। हालांकि, यह आंकड़ा दुनिया के बाकी देशों की तुलना में अभी भी कम है लेकिन दोबारा इसमें बढ़ोतरी जरूर देखी जा रहा है। एक महीने से भी कम समय में भारत में पॉजिटिविटी दर बढ़कर 1.6 प्रतिशत से 2.6 प्रतिशत हो गई है।

4. ऐक्टिव केसों की संख्या 20 दिन से बढ़ रही

देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के ऐक्टिव केसों की संख्या बढ़ रही है। दरअसल, कोरोना के नए मामले जितनी तेजी से सामने आ रहे हैं, उतनी तेजी से कोरोना से मरीज ठीक नहीं हो रहे हैं, जिससे सक्रिय मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

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