महुआ पर एथिक्स पैनल की रिपोर्ट लोकसभा में पेश, हंगामा

रणघोष अपडेट. देशभर से

महुआ मोइत्रा के ख़िलाफ़ एथिक्स पैनल की रिपोर्ट लोकसभा में पेश कर दी गई। लेकिन इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद सदन को दो बजे तक स्थगित करना पड़ा। इससे पहले सुबह जब सदन शुरू हुआ था तो उस रिपोर्ट को पेश किए जाने से पहले ही कुछ मिनटों में ही हंगामे के कारण सदन को 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा था। विपक्ष ने एथिक्स पैनल की रिपोर्ट की चिंताओं को दूर करने की मांग की। इसका कहना है कि एथिक्स पैनल की रिपोर्ट में खामियाँ हैं। संसदीय आचार समिति ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों पर रिपोर्ट तैयार की है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में संसद को महुआ को संसद से निष्कासित करने का सुझाव दे दिया है। इसी पर संसद को फैसला लेना है। बीजेपी ने अपने सांसदों को सदन में रहने के लिए व्हिप जारी किया था। पिछले महीने ही लोकसभा की समिति ने महुआ के निष्कासन की सिफारिश की थी। आचार समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार सोनकर ने कहा था कि एक बैठक में आचार समिति के छह सदस्यों ने सिफारिश वाली रिपोर्ट का समर्थन किया, जबकि चार ने इसका विरोध किया।लोकसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे अविश्वसनीय रूप से अपर्याप्त बताया है। कथित तौर पर रिपोर्ट को जिस तेजी से अपनाया गया उस पर उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि समिति के सदस्यों में से एक की जानकारी के अनुसार इसमें केवल ढाई मिनट लगे।थरूर ने एएनआई से कहा, ‘कोई उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं उनसे जिरह करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है और साथ ही बिना गंभीरता से विचार किए एक सदस्य के निष्कासन जैसी बड़ी सजा के निष्कर्ष पर पहुँचना वास्तव में अपमानजनक है। विपक्षी गठबंधन इंडिया की सभी पार्टियाँ पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि यह न्याय का मखौल है, यह भविष्य के लिए एक बहुत ही ख़राब मिसाल कायम करेगा…। यह सब हमें राजनीतिक प्रतिशोध का संकेत देता है, न कि न्यायिक रूप से टिकाऊ प्रक्रिया का। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद को राजनीतिक प्रतिशोध के ऐसे प्रदर्शन में बदला जा रहा है।’लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने महुआ को निष्कासित करने की आचार समिति की सिफारिश को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और दावा किया कि इसका उद्देश्य उन्हें अडानी समूह के खिलाफ मुद्दे उठाने से रोकना था। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार बंदोपाध्याय ने अध्यक्ष से कहा कि महुआ को सदन में अपना भाषण देने के लिए समय दिया जाना चाहिए, जिस पर बिड़ला ने जवाब दिया कि मामले पर चर्चा के लिए आधे घंटे का समय दिया जाएगा।बंदोपाध्याय ने पूछा कि जिस सांसद ने आरोप लगाया था कि मोइत्रा को प्रश्न पूछने के लिए नकद भुगतान किया गया था, उन्हें आचार समिति की बैठक में क्यों नहीं बुलाया गया।  उन्होंने कहा, ‘पहली बैठक (एथिक्स पैनल की) थोड़े समय में खत्म हो गई और कोई नतीजा नहीं निकल सका। दूसरी बैठक क्यों नहीं की गई? इतनी जल्दबाज़ी क्यों है?’सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने शुक्रवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट की आलोचना की और इसे राजनीति से प्रेरित और एक मुखर सरकारी आलोचक के खिलाफ स्पष्ट प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा, ‘यह राजनीति से प्रेरित है और सरकार के आलोचक के खिलाफ पूर्ण प्रतिशोध जैसा लगता है। आचार समिति को इस तरह से कार्य नहीं करना चाहिए।’