बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया और उनके बेटे नील सोमैया के खिलाफ मुंबई के ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन में फर्जीवाड़े का मामला दर्ज हुआ है। किरीट सोमैया और नील सोमैया के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406 और 34 के तहत मामला दर्ज हुआ है। सोमैया पर आरोप है कि उन्होंने आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए एक मुहिम चलाई थी और लोगों से पैसा इकट्ठा किया था। उस पैसे को राजभवन में जमा करने की बात कही थी लेकिन राजभवन ने इकट्ठा किए गए पैसों के संबंध में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया था जिसके बाद एक शिकायत पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई है।किरीट सोमैया और नील सोमैया के खिलाफ मुंबई के एक पूर्व सैनिक बवन भोसले ने फर्जीवाड़े का यह मामला दर्ज कराया है। किरीट सोमैया इन दिनों महाराष्ट्र सरकार के नेताओं की कुंडली खंगालने में लगे हैं। बवन भोसले ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि किरीट सोमैया और नील सोमैया ने आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए चलाई मुहिम के जरिए लोगों से 57 करोड़ रुपए इकट्ठा किए थे और इकट्ठा किए गए पैसे को महाराष्ट्र के राजभवन में जमा करने की बात कही थी। पुलिस ने एक बयान जारी करके कहा है कि बुधवार रात को किरीट सोमैया और नील सोमैया के खिलाफ फर्जीवाड़े की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में जांच की जा रही है। मुंबई पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि शुरुआती जांच में ही अगर किरीट सोमैया और नील सोमैया के खिलाफ सुबूत मिल जाते हैं तो फिर उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है।इससे पहले शिवसेना के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने भी किरीट सोमैया पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था। संजय राउत ने एक ट्वीट में कहा था कि किरीट सोमैया ने आईएनएस विक्रांत को बचाने की मुहिम के लिए जो पैसा इकट्ठा किया था वह अपनी जेब में रख लिया। शिकायतकर्ता बवन भोसले ने मुंबई पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि किरीट सोमैया के साथ आईएनएस विक्रांत को बचाने की इस मुहिम में हजारों लोग शामिल हो गए थे। भोसले ने जब इस मामले में राजभवन से आरटीआई के जरिये जानकारी मांगी तो राजभवन की तरफ से इस संबंध में जानकारी से इनकार कर दिया गया। जिससे किरीट सोमैया पर शक गहरा गया।