मुआवजा नहीं देने को लेकर साफ हो रही तस्वीर

 फाइल सरकार के पास, अधिकारियों ने कहा हमें बेवजह खराब नहीं करें


रणघोष अपडेट. चंडीगढ़. रेवाड़ी

मास रैपिड ट्रांसपोर्ट  परियोजना के लिए अधिग्रहण की गई 7 कनाल 16 मरला जमीन का मुआवजा नहीं दिए जाने का मामले को लेकर अब एचएसआईआईडीसी अधिकारियों की तरफ से स्थिति को स्पष्ट किया जा रहा है। अधिकारियों ने ऑफ दा रिकार्ड बताया की मुआवजा की फाइल तो कई दिनों से सीएमओ कार्यालय के पास है। वहां से जो भी निर्णय आएगा उसी आधार पर मुआवजा देने की प्रक्रिया को पूरा कर दिया जाएगा। उधर भाजपा नेता एवं मंत्री भी समझ नहीं पा रहे कि मुआवजा को लेकर इतनी ढिलाई एवं देरी क्यों बरती जा रही है। पिछले एक साल से किसान इधर से उधर भटक रहे हैं। इससे सरकार और भाजपा की छवि दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। अगर मुआवजा को लेकर कोई तकनीकी दिक्कत व समस्या आ रही है तो सरकार व संबंधित विभाग स्थिति को स्पष्ट करें। अगर ऐसा कुछ नहीं है तो इसमें ढिलाई क्या सोचकर बरती रही है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। किसानों को अलग अलग कारणों से गुमराह किया जा रहा है। यहां बता दें की 18 अगस्त को यह मामला केंद्रीय श्रम एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव  के संज्ञान में भी लाया गया है जिस पर उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों एवं सरकार से बातचीत कर तुरंत समाधान कराने की बात कही है। उधर जिला रेवाड़ी का जिला राजस्व अधिकारी एवं भूमि अधिग्रहण कलैक्टर की तरफ से

भी मुआवजा को लेकर 15 रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। डीआरओ कार्यालय का कहना है कि अभी तक जितने भी पत्र भेजे गए। एक का जवाब भी एचएसआईआईडीसी की तरफ से नहीं आया। भाजपा किसान प्रकोष्ठ भी इस मामले को उठा चुका है।

81 करोड़, 53 लाख 62 हजार की राशि को लेकर चल रहा संघर्ष

कुल मुआवजा 201, 53, 62, 130 रुपए अवार्डानुसार अधिग्रहित भूमि के लिए भुगतान हेतु उपलब्ध करवानी थी। परंतु एचएसआईडीसी द्वारा केवल  120 करोड़ रुपए की राशि ही उपलब्ध करवाई गई थी जो भूस्वामियों को वितरित की जा चुकी है। पत्र में साफ लिखा है कि भू स्वामी समय समय पर डीआरओ कार्यालय में आकर अपनी अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि की मांग करते आ रहे हैं। बार बार लिखने के बावजूद एचएसआईडीसी की तरफ से ना कोई जवाब आया और ना ही कोई राशि आवंटित की गईं। शेष मुआवजा राशि 81 करोड़, 53 लाख, 62 हजार 130 रुपए बकाया है।

सीएम विंडो से लेकर भाजपा के मंत्रियों को सौंप चुके ज्ञापन

मुआवजा नहीं मिलने को लेकर किसान सीएम विंडो से लेकर राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. बनवारीलाल, केंद्रीय मंत्र राव इंद्रजीत सिंह से लेकर भाजपा के सीनियर नेताओं को भी ज्ञापन सौंप चुके हैं। भाजपा नेताओं ने भरोसा भी दिलाया की जल्द ही मुआवजा जारी हो जाएगा। सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद स्थिति ज्यो की त्यो है।