रणघोष की सीधी सपाट बात : कमाल है शौचालय की सफाई तक हो नहीं रही, मीटिंग कर रहे चंद्रयान-3 सफलता की

रणघोष खास. सुभाष चौधरी

नगर परिषद रेवाड़ी ने 18 सितंबर को सभी पार्षदों व अधिकारियों की मीटिंग बुलाईं। एजेंडा चंद्रयान-3 की सफलता पर बधाई संदेश का प्रस्ताव पारित करना। ऊपर से आदेश था जाहिर है उसकी पालना करनी थी। अब सवाल यह उठता है कि जिस शहर में सरकारी शौचालय की सफाई को लेकर हल्ला मच रहा हो, एफआईआर तक दर्ज हो रही हो। उसके लिए नप मीटिंग नहीं करती जबकि चंद्रयान-3 की सफलता जिसे काफी समय बीत चुका है उसके लिए भरपूर समय है। चंद्रयान की हमारी गौरवशाली यात्रा पर हर भारतीय को गर्व है। बेहतर होता नप अपनी कार्यप्रणाली से शहर की साफ सफाई में बेहतर कार्य करने के नाम पर भी इसी तरह का बधाई संदेश देती तो उसकी कथनी करनी का अंतर खत्म हो जाता।

नप चेयरपर्सन पूनम यादव व कुछ पार्षदों में टकराव शहर के विकास कार्यो को लेकर कम अपने छिपे एजेंडों को लेकर ज्यादा है। वरना विकास के कार्यों को लेकर मतभेद व विरोध का होना बनता ही नहीं है। नप में ऐसा कोई कार्य नहीं है जिस पर आमजन यह कह सके कि सिस्टम में बदलाव आ रहा है। अकेले चेयरपर्सन को पूरी तरह दोषी मानना भी गलत है। दरअसल पार्षदों में कुछ ऐसे भी है जो ठेकेदारी, कमीशनखोरी, फाइल को पास कराने के नाम पर दलाली का बखूबी खेल करते हैं। इन पार्षदों को पता है कि नप भ्रष्टाचार में काजल की कोठरी बन चुकी है। चाहे अनचाहे वे दाग से नहीं बच सकते। इससे अच्छा है कि बदनामी के कुछ छींटे लगवाकर कम से कम अपना विकास तो करवा लो। इसलिए नप में पहुंचने के बाद कुछ पार्षदों का आर्थिक ढांचा एकाएक मजबूत होता चला गया। इसलिए नप रेवाड़ी में चंद्रयान- तीन की सफलता का धन्यवाद प्रस्ताव सरकार व अधिकारियों को खुश करने के लिए ठीक है लेकिन आमजन का दिल जीतने के लिए उसे जमीन पर अपना भरोसा कायम करना होगा।