रणघोष अपडेट. देशभर से
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनकी ‘मोदी उपनाम’ टिप्पणी के लिए आपराधिक मानहानि मामले में सजा पर रोक के बाद सोमवार 7 अगस्त को लोकसभा में बहाल कर दिया गया। वायनाड सांसद की बहाली ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में बहस होनी है। यह मूल रूप से मणिपुर पर पीएम मोदी के बयान नहीं देने के खिलाफ है। संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था लेकिन तब से संसद एक भी दिन ठीक से नहीं चल पाई है।
राहुल गांधी की सदस्यता बहाली का सफर इतना आसान नहीं रहा। पहले ये जानिए कि इस सारे मामले की शुरुआत कहां से हुई और अंत में आपको ये बताएंगे कि आखिर किन वजहों से राहुल गांधी को इस तरह घेरा गया। पूरी स्टोरी धैर्य से पढ़ें।
- 13 अप्रैल, 2019 को कर्नाटक के कोलार में एक चुनावी रैली में, राहुल गांधी ने कहा- “सभी चोरों, चाहे वह नीरव मोदी, ललित मोदी या नरेंद्र मोदी हों, का सामान्य उपनाम मोदी क्यों है?”
- 15 अप्रैल, 2019 को सूरत से भाजपा विधायक पूर्णेश मोदी ने टिप्पणी के लिए राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया। हालांकि विधायक ने इस के बाद अदालत से आग्रह किया कि इस मामले की सुनवाई रोकी जाए। लेकिन दिसंबर 2022 के अंत में पूर्णेश मोदी गुजरात हाईकोर्ट पहुंचे और मानहानि के इस केस की सुनवाई फिर से शुरू करने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने फौरन ही सूरत सेशन कोर्ट से सुनवाई शुरू करने को कहा।
- 7 जुलाई, 2019 को मामले में सूरत मेट्रोपॉलिटन कोर्ट में राहुल गांधी की पहली हाजिरी हुई थी।
- दिसंबर 2022 में इस मामले में तेजी आ गई। सूरत कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुरू की और जल्दी जल्दी तारीखें दीं।
- 23 मार्च, 2023 को सूरत मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने राहुल गांधी को मानहानि का दोषी ठहराते हुए दो साल जेल की सजा सुनाई।
- 24 मार्च, 2023 को दोषी ठहराए जाने और दो साल की जेल की सजा सुनाए जाने के परिणामस्वरूप राहुल गांधी को संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया। यह कार्यवाही 24 घंटे में कर दी गई।
- 2 अप्रैल, 2023 को राहुल गांधी ने सूरत की अदालत में मेट्रोपॉलिटन अदालत के आदेश को चुनौती दी, जो अभी भी लंबित है, साथ ही सजा पर रोक लगाने की मांग करने वाला एक आवेदन भी दिया।
- 20 अप्रैल, 2023 को सूरत सेशन कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी, लेकिन सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
- 25 अप्रैल, 2023 को राहुल गांधी ने निचली अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में पुनरीक्षण अपील दायर की।
- 7 जुलाई, 2023 को गुजरात हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने की मांग करने वाली राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी।
- 15 जुलाई, 2023 को राहुल गांधी ने गुजरात हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और कहा कि अगर फैसले पर रोक नहीं लगाई गई तो बोलने की आजादी का गला घोंट दिया जाएगा।
- 21 जुलाई, 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की अपील पर गुजरात के मंत्री पूर्णेश मोदी और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया।
- 4 अगस्त, 2023 को हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की सजा पर रोक लगा दी, जिससे उनके लोकसभा में लौटने का रास्ता साफ हो गया।
- 7 अगस्त 2023 को लोकसभा सचिवालय ने वायनाड के सांसद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल करने की घोषणा की