बड़ा हादसा होने के बाद जागेगी अधिकारियों की अंतरात्मा
रणघोष खास. प्रकाश खरखड़ा
गुजरात के सूरत के सरथाना इलाके में स्थित तक्षशिला कॉम्प्लेक्स की दूसरी मंजिल पर वर्ष 2019 मे लगी भीषण आग में 19 छात्रों की मौत हो गई. जिस फ्लोर पर आग लगी वहां कोचिंग सेंटर चल रहा था। शहर की ब्रास मार्केट, दिल्ली रोड, माडल टाउन, सटे गांवों ढालियावास, बिठवाना, सेक्टर तीन, चार, गली मोहल्लों समेत अनेक स्थानों पर 100 से ज्यादा छोटे बड़े कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। 10 जून 2022 को भी एक कोचिंग सेंटर की लाइब्रेरी मे अचानक से आग लग जाने से अंदर पढ़ाई कर रहे बच्चो की जान पर बन आई,लेकिन समय रहते उन्हे बाहर निकाल लिया गया,लेकिन आज जिले मे जिन मल्टी इमारतों में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं उनमें ही कई अन्य ऑफिस व रेस्टोरेंट चलते हैं। इन इमारतों में शायद नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।यहां तक कि आग लगने की स्थिति में निकलने के लिए दो मार्ग भी नहीं है। ऐसे में यदि यहां आग लगने की घटना होती है तो बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।दरअसल फायर विभाग के अधिकारी भी जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही करते है।कोई घटना हो जाए तो नोटिस जारी करके अपने बचाव करने का रास्ता खोज लेते हैं। इसी के साथ रेवाड़ी व धारुहेड़ा शहर में कई अपार्टमेंट कई मंजिला बने हुए हैं यहां पर भी हादसा होने पर बचाव करना आसान नहीं होगा।वहीं कई होटल-कोचिंग सेंटर,स्कूलो,अस्पतालो,बरात घर,वेयर हाउस की बिल्डिंगों मे भी इसी तरह का ही हाल है।एक ही इमारत में कोचिंग के साथ कई ऑफिस भी चल रहे हैं।कई जगह ट्रांसफार्मर के आसपास गाड़ियों की पार्किंग की जाती है। शार्ट सर्किट से यदि गाड़ियों में आग लगती है तो इसमें गाड़ियों में ज्वलनशील पेट्रोल के कारण आग बड़ा रूप लेने में समय नहीं लगेगा।ऐसे में लोग फायर सेफ्टी को लेकर जवाबदेही से बचते हैं।शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या से दमकलों को पहुंचने में भी देरी होती है।रेवाड़ी जिले मे इस प्रकार कोई अप्रिय घटना ना हो इसके लिए आप से अनुरोध की आप मल्टीलेवल बिल्डिंग और कमर्शियल क्षेत्रों में फायर सेफ्टी के जांच के निर्देश जारी करे ताकि भविष्य मे इस प्रकार की घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।