बिंद्रा की पत्नी यानिका का अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है. उनके फॉलोअर्स में अब गुस्सा बढ़ रहा है जो चाहते हैं कि बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक सलाखों के पीछे हों.
रणघोष खास. कृष्ण मुरारी. साभार: दी प्रिंट
यह है सच्चे प्यार का मतलब — इंटरनेट पर एक सप्ताह पहले अपलोड किए गए 53 सेकंड के टीज़र का यह शीर्षक है जिसमें मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा इस्कॉन के गौरंगा दास से पूछ रहे हैं, “क्या सम्मान देना प्यार के बराबर है.” वीडियो का अंत बिंद्रा की एक तस्वीर के साथ होता है, जिसमें वो दर्शकों की तरफ अपनी तर्जनी उंगली से इशारा करते हुए मुस्कुराते हैं और एक संदेश देते हैं, जिसमें 10 दिन के एमबीए कोर्स का वादा किया गया है.इस क्लिप को अब तक 127K बार देखा जा चुका है और कई कॉमेंट्स में कहा गया है, “मैं बिंद्रा के साथ हूं”. यह हालिया विवादों पर आई प्रतिक्रिया है — धोखाधड़ी के आरोपों से लेकर पत्नी के खिलाफ घरेलू हिंसा तक — मोटिवेशनल स्पीकर अब फंस गए हैं.बिंद्रा को ऑनलाइन फॉलो करने वाले लोगों की संख्या लाखों में है. उन्हें सुनने वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता बेहिसाब है. यूट्यूब पर बहुत अधिक लोकप्रिय सेल्फ हेल्प इन्फ्लुएंसर ट्यूशन-उद्यमियों, फर्जी मोटिवेशनल और आकांक्षी स्पीकर्स की संख्या समकालीन भारत में एक परेशान करने वाली नई घटना है. कई मायनों में वे भारत के नए गॉडमैन हैं, जो आपको अपने स्मार्ट फोन पर दिखाई देते हैं. उनके कंटेंट डोमेन ज्ञान पर कोई जांच नहीं होती है और उनके वफादार फॉलोअर्स उनकी ठीक से जांच भी नहीं करते हैं.बिंद्रा जो दिखाते हैं वह अंबानी-जुकरबर्ग के सपनों, भगवत गीता से ज्ञान और एमबीए शब्दजाल का एक आकर्षक मिश्रण है.
विवाद
बिंद्रा और उनकी कंपनी — बड़ा बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड (बीबीपीएल) पर जल्दी अमीर बनने के सपनों का वादा करने वाले क्लिकबैट विज्ञापन बनाने का आरोप लगाया जा रहा है और वह इसे 80,000 रुपये तक के अधूरे एमबीए प्रोग्राम और बिजनेस कंसल्टेंसी कोर्स के वादे के जरिए करते हैं. एक नया 10 दिन का एमबीए कोर्स हाल ही में लांच किया गया है. वह अपने लक्षित दर्शकों को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं. एक वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि भारत में 25 करोड़ से अधिक स्टूडेंट्स नौकरी की तलाश में हैं और उनके सामने सबसे बड़ी समस्या स्किल्स की कमी है और BBPL कोर्स बेचने के लिए OYO के रितेश अग्रवाल, अभिनेता विवेक ओबेरॉय और पतंजलि के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण के नामों का उपयोग करता है. इन हस्तियों का ज़िक्र करने वाले विज्ञापनों में कहा गया है, जिनके बारे में लोग पढ़ते हैं, वो हमारे यहां पढ़ाते हैं.दिप्रिंट ने फोन और ई-मेल के जरिए बिंद्रा से संपर्क किया लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कॉमेंट्स के ऑप्शन को भी बंद कर दिया है, हालांकि, वे रोज़ाना मोटिवेशनल वीडियो पोस्ट कर रहे हैं.बीबीपीएल के चीफ मार्केटिंग अधिकारी इशान गोयल ने कंपनी द्वारा धोखाधड़ी के सभी आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा, “हम सभी नियमों का पालन करते हैं और हमारे पास रिफंड नीति भी है, जिन्हें कोर्स पसंद नहीं आता, वो रिफंड अप्लाई करते हैं और उन्हें समय पर पैसे वापस मिल जाता है.”लेकिन यह सिर्फ शिक्षा धोखाधड़ी और घरेलू हिंसा के आरोप नहीं हैं जिन्होंने बिंद्रा को परेशानी में डाला है. पिछले साल, ये इन्फ्लुएंसर जाति संबंधी बहस में कूद पड़ा. तभी उसके सावधानी से बनाए गए ब्रांड को पहला झटका मिला था.न्यूज़ पोर्टल लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बिंद्रा ने कहा कि ब्राह्मण समाज का बौद्धिक वर्ग है. उन्होंने कहा, “शूद्र समाज का सहायक वर्ग है. वह माइनस 1 हो सकते हैं, लेकिन नंबर 1 नहीं हो सकते. शूद्रों को नेता मत बनाइए.”बिंद्रा को अपने एक वीडियो में गुरु गोबिंद सिंह की तस्वीर के लिए भी आलोचना का सामना करना पड़ा है. उन्होंने सिख गुरु के एक एनीमेशन का इस्तेमाल किया जिसने समुदाय को नाराज कर दिया. हालांकि, बाद में उन्होंने इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात का हवाला देते हुए माफी मांगी थी.
2018 में उन पर एक वीडियो में डॉक्टरों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा था और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने उन पर 50 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया था, लेकिन कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आज़ादी का हवाला देते हुए बिंद्रा के पक्ष में फैसला सुनाया था.
झूठे सपने और वादे
बिंद्रा अपने वीडियो में लोगों को हकीकत से परे ज़िंदगी दिखाते हैं, वे विशेष रूप से 18-25 वर्ष के उम्र के लोगों को टारगेट करते हैं. बिंद्रा के एक पूर्व सहयोगी ने नाम न छापने की शर्त पर दिप्रिंट को बताया, “वह बार-बार सफल लोगों की कहानियां सुनाते हैं और आश्वासन देते हैं कि अगर वे उनके साथ जुड़े रहे, तो वह उन्हें अंबानी और जुकरबर्ग की तरह सफल बना देंगे.”
बिंद्रा वो ज़िंदगी जी रहे हैं जिसका उन्होंने अपने सब्सक्राइबर्स से वादा किया था. नाम न छापने की शर्त पर उनके एक करीबी सहयोगी ने कहा, मोटिवेशनल स्पीकर नोएडा के आलीशान इलाके में रहते हैं और उन्हें मालदीव के द्वीपों पर समय बिताना पसंद है. उनके पास वोल्वो XC90 SUV, मर्सिडीज बेंज JLC SUV और BMW X7 जैसी कारें हैं. अप्रैल में बिंद्रा ने अपने जन्मदिन पर दिल्ली में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें बॉलीवुड गायक बी प्राक ने परफॉर्म किया था.बिंद्रा के फॉलोअर 26-वर्षीय बिजेंद्र चौधरी यह जानकर हैरान रह गए कि मोटिवेशनल स्पीकर घरेलू हिंसा और धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे थे. चौधरी ने पहली बार 2017 में बिंद्रा को सुना था और अलग-अलग विषयों और व्यवहार पर बिंद्रा की स्पष्टता से वे काफी प्रभावित हुए थे.बिंद्रा के एक पूर्व सहयोगी ने कहा कि वे बार-बार सफल लोगों की कहानियां सुनाते हैं और आश्वासन देते हैं कि अगर वे उनके साथ जुड़े रहे तो वह उन्हें अंबानी और जुकरबर्ग की तरह सफल बना देंगे.
चौधरी जैसों के लिए बिंद्रा के बारे में नए खुलासों को समझना मुश्किल है. उनका भरोसा अटूट था. पूर्वी दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान चलाने वाले चौधरी ने निराश होकर कहा, “अब हम जानते हैं कि एक सफल आदमी अच्छा दिखता है, लेकिन कोई भी उसे अंदर से नहीं जानता है. लोग बाहरी इमेज से प्रेरित होते हैं. वे लोगों के सामने अच्छे बन जाते हैं क्योंकि यही उनका काम है.”राजस्थान के रहने वाले सचिन बजाज 11 महीने पहले बिंद्रा के बारे में खुलासा करने वाले पहले व्यक्ति थे. उन्होंने यूट्यूब पर एक वीडियो बनाया था. बिंद्रा की कंपनी ने उन पर कंटेंट हटाने के लिए काफी दबाव डाला था.जयपुर में रहने वाले डायरेक्ट सेल्स पर्सन बजाज ने दिप्रिंट को बताया, “सैकड़ों धोखा खाए लोग मेरे पास आ रहे थे, जिनमें चाय बेचने वाले और दिहाड़ी मजदूर भी शामिल थे, जो कर्ज लेकर बिंद्रा के कोर्स खरीद रहे थे.”2016 में बजाज ने दिल्ली और जयपुर दोनों में बिंद्रा के कुछ सेशन में भाग लिया, जिसके टिकटों की कीमत 2,000 रुपये से 5,000 रुपये के बीच थी. कारोबार बढ़ाने के तकनीकी उपकरणों के बारे में बात करने के बजाय, बिंद्रा ने उन्हें बताया कि आप अंबानी या जुकरबर्ग कैसे बन सकते हैं. बजाज ने कहा, “मैंने तीन सत्रों में भाग लिया और आश्चर्यचकित रह गया कि तीनों में एक ही सामग्री परोसी गई.”इन कोर्स के लिए, बीबीपीएल कर्मचारी व्हाट्सएप पर संभावित लोगों तक पहुंचते हैं और कई मामलों में भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जाता है. अब, ये स्क्रीनशॉट इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं और लोग अपने पैसे वापस मांग रहे हैं.