शंभू बॉर्डर पर बिगड़े हालात, किसानों ने तोड़े बैरिकेड तो पुलिस दागने लगी दनानदन आंसू गैस के गोले

MSP पर फसलों की खरीद की गारंटी समेत 12 सूत्री मांगों के समर्थन में दिल्ली आ रहे पंजाब के किसानों की पंजाब-हरियाणा की सीमा शंभू बॉर्डर पर पुलिस से भिड़ंत हो गई है। पुलिस ने किसानों को हरियाणा में दाखिल होने से रोकने के लिए बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर रखी है, जिसे किसानों ने तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस और किसानों में भिड़ंत हो गई। बैरिकेडिंग तोड़ता देख पुलिस ने किसानों पर कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे हैं। इससे हालात और बिगड़ गए हैं।

समाचार एजेंसी ANI ने इस घटना का वीडियो शेयर किया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों पर गोले दाग रही है। इसके बाद प्रदर्शनकारी किसान भागते दिख रहे हैं। एक अन्य वीडियो में किसानों को ट्रैक्टर के सहारे बैरिकेडिंग हटाते हुए देखा जा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल युवाओं के एक समूह ने अंबाला में शंभू सीमा पर लगाए अवरोधक तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कुछ किसानों को शंभू सीमा के समीप हिरासत में भी लिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, जब कुछ युवाओं ने लोहे के अवरोधक तोड़े और इसे घग्घर नदी पुल से फेंकने की कोशिश की तो पुलिस को आंसू गैस के कई गोले छोड़ने पड़े। उन्होंने बाद में आंसू गैस का गोला गिराने के लिए एक ड्रोन का भी इस्तेमाल किया।

बता दें कि किसानों ने फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी देने समेत अन्य मांगों को लेकर दो केंद्रीय नेताओं के साथ बैठक बेनतीजा रहने के बाद दिल्ली की ओर कूच करने का फैसला किया।  कई किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ फतेहगढ़ साहिब से सुबह करीब 10 बजे मार्च शुरू किया और वे शंभू सीमा के जरिए दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। फतेहगढ़ साहिब और शंभू सीमा के बीच दूरी करीब 35-40 किलोमीटर है।

किसानों के ट्रैक्टर ट्रॉली के काफिले को राष्ट्रीय राजमार्ग पर शंभू सीमा की ओर बढ़ते हुए देखा गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली में बुजुर्ग, युवा और महिलाओं को बैठे हुए देखा गया। हरियाणा की ओर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पंजाब की ओर से सीमा पर आ रहे युवाओं के एक समूह को शंभू सीमा के समीप अवरोधकों से दूर रहने को भी कहा। हरियाणा में प्राधिकारियों ने कंक्रीट के अवरोधक, लोहे की कीलों और कंटीली तारों का इस्तेमाल कर अंबाला, जींद, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र और सिरसा में कई स्थानों पर पंजाब के साथ राज्य की सीमाओं की किलेबंदी कर दी है।