शहीद सम्मान समारोह में राव इंद्रजीत के तेवरों की रिपोर्ट हाईकमान तक पहुंची

भाजपा नेताओं की दो टूक, जिन्हें राजनीति विरासत में मिली पैराशूट से वहीं आते हैं..


रणघोष खास. सुभाष चौधरी


राजनीति में सीधी सपाट बात कहने में माहिर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  की जुबान से निकले पैराशूट शब्द ने भाजपा के अंदर- बाहर हलचल मचा दी है। प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं ने हाई कमान को गांव पटौदा में हुए शहीद सम्मान समारोह की रिपोर्ट से अवगत करा दिया है। इन नेताओं का कहना है कि राव ने जिस तरह भाजपा की कार्यनीति को कटघरे में खड़े किया है वह किसी भी लिहाज से तर्कंसंगत एवं पार्टी के हित में नहीं है। पैराशूट नेताओं की जो बात कहीं है उसे स्पष्ट करना होगा। पैराशूट से वो नेता आते हैं जिन्हें राजनीति विरासत में मिली हो। जो अपने पिता- दादा की बदौलत आराम से टिकट लेकर कम उम्र में विधायक- सांसद बन जाते हैं। कांग्रेस एवं अन्य दल ऐसे पैराशूट नेताओं से भरे हुए हैं जबकि भाजपा में जमीन से जुड़ा आम कार्यकर्ता एक लंबे संघर्ष के बाद राजनीति में एक सम्मानजक मुकाम हासिल करता है। राव यह भूल गए कि एक लंबे संघर्ष के बाद भाजपा राज्यों एवं केंद्र में सरकार बनाने में सफल रही है। उसके पीछे कार्यकर्ताओं की कठिन तपस्या रही है। राव बताए उन्होंने भाजपा में आकर पार्टी के लिए किस स्तर का जमीनी काम किया है। वे पिछले दो चुनाव पीएम नरेंद्र मोदी की वजह से जीत पाए वे खुद इस बात को स्वीकारते हैं। ऐसे में सबकुछ उनके मुताबिक नहीं हो तो अब उन्हें पार्टी के अंदर- बाहर पैराशूट नेता नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री मनोहरलाल,  केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव समेत अनेक सीनियर्स नेताओं के वर्तमान से बैचेन होने वाले नेता अब पार्टी में पैराशूट एवं जमीनी नेता की बात कर रहे हैं। वे भूल गए इन नेताओं ने अपना पूरा जीवन पार्टी को समर्पित किया हुआ है। उनकी राजनीति पृष्ठभूमि अनेक संघर्ष के रास्ते से होकर गुजरी हैं। जिसके गवाह आज भी पार्टी के तमाम वरिष्ठ  नेता हैं जिन्होंने भूपेंद्र यादव समेत अनेक नेताओं को राजनीति जमीन पर पसीना बहाते हुए देखा है। भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि राव को पहला यह साफ करना होगा कि वे किस तरह के जमीनी नेता हैं। बेटी को टिकट नहीं मिला तो भाजपा को खून पसीने से सींचने वाले नेता पैराशूट नजर आने लगे हैं। पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि समारोह में जितने भी भाजपा के सांसद एवं विधायक- मंत्री मौजूद रहे उसमें किसी को उम्मीद नहीं थी कि राव के तेवर इतने आक्रमक होंगे। ऐसे अवसरों को राजनीति हितों के लिए पूरा करना पार्टी की गरिमा के खिलाफ हैं। शुक्रवार को इस संदर्भ में भाजपा के सीनियर्स नेताओं ने अखबार एवं चैनलों पर चले राव के भाषण को रिकार्ड बनाकर हाईकमान के पास भेजा है। कुल मिलाकर किसान आंदोलन समेत अनेक मुद्दों पर जूझती नजर आ रही हरियाणा भाजपा को अब अपने घर के अंदर भी जबरदस्त चुनौती मिलना शुरू हो गई है जिसके क्या परिणाम होंगे यह समय बताएगा।