सभी धर्मों का मान सम्मान ही हमारी परंपरा की पहचान है – कर्मवीर राव
श्रीकृष्णा स्कूल महेंद्रगढ़ के प्रांगण में शुक्रवार को क्रिसमिस डे को लेकर ऑनलाईन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूल के नौनिहालों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। स्कूल की प्री-प्राइमरी हैड संतोष यादव ने बताया कि यीशु मसीह के जन्मदिन को लेकर स्कूल के नौनिहालों कोरोना महामारी के लेकर अपने घर पर रहकर भाषण, डांस, कविताएं, देशभक्ति गीत तथा अनुशासन के प्रति जागरूक होना आदि कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति दी। जिसमें स्कूल के नर्सरी कक्षा से पांचवी कक्षा तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने सांता क्लाज बनकर खूब जमकर चॉकलेट व मिठाईयां बांटी। इस मौके पर स्कूल के एमडी कर्मवीर राव ने विद्यार्थियों को ऑनलाईन संबोधित करते हुए कहा कि भारत देश विभिन्न संस्कृतियों की विरासत है जो अपने अंदर अनेकों परंपराओं को समाविष्ट किए हुए है। सभी धर्मों का मान सम्मान ही हमारी परंपरा की पहचान है। सभी भारतीय परंपराओं को जारी रखते हुए श्रीकृष्णा स्कूल महेंद्रगढ़ अपने विद्यार्थियों में धर्मों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करता है। उन्होंने कहा कि अनेकता में एकता-भौगोलिक दृष्टि से भी भारत विविधताओं का देश है, सांस्कृतिक रूप से इसका अस्तित्व प्राचीनकाल से ही चला आ रहा है।
स्कूल के प्राचार्य वीरेन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हैप्पी बर्थ डे टू यू के साथ अपना खुशी का इजहार किया। सेंटा क्लाज ने बच्चों को अच्छी आदतें अपनाने, कभी भी झूठ न बोलने और परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उर्त्तीण होने का वचन भी दिया। उन्होंने कहा कि संस्कृति एक समाज से दूसरे समाज तथा एक देश से दूसरे देश मे बदलती रही है। संस्कृति हमारी जीने और सोचने की विधि को भी बनाए रखती है। प्राचार्य ने कार्यक्रम के अंत में नौनिहालों को कोविड़-19 महामारी के प्रति भी जागरूक करते हुए कहा कि कोरोना महामारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन तथा उनके दिए गए मंत्रों दो गज की दूरी, मास्क जरूरी, जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं के कारण आज भारत देश विश्व में कोविड-19 में सबसे आगे है। क्योंकि भारत देश में कोविड-19 महामारी की मृत्यु दर सबसे कम और स्वास्थ्य लाभ दर सबसे अधिक है।