संपत्ति उत्तराधिकार के नियम सबके लिए समान क्यों नहीं, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से एक समान उत्तराधिकार और विरासत कानून की मांग वाली याचिका पर प्रतिक्रिया मांगी, जो जेंडर और रिलीजन न्यूट्रल हैं। भाजपा नेता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि उत्तराधिकार और विरासत में समान कानून न्याय, समानता और महिलाओं की गरिमा को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने आज तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया है। इस याचिका में नियमों को लिंग या धर्म से तटस्थ बनाने का अनुरोध किया गया है।  बता दें कि सभी नागरिकों के लिए समान नियम कानून लागू करने की मांग वाली यह पांचवी याचिका है जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले पिछले साल 16 दिसंबर को सभी नागरिकों के लिए तलाक और भरण पोषण के नियम एक समान करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी हुआ था।