इओ बोले कब्जा करने वाले पर करवाई जा रही है एफआइआर
नारनौल के सुभाष स्टेडियम के पास नगर परिषद की बेशकीमती जमीन पर फिर एक बार रातों रात अवैध कब्जा कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यहां पर अवैध कब्जा करने वाले एक परिवार के हौसले इतने बढ चुके हैं, इस बार उसने नगर परिषद की जमीन पर बनाए जा रहे महात्मा रामकरणदास चौक की प्रतिमा स्थल को भी नहीं छोड़ा। इस चौक पर नगर परिषद ने महात्मा रामकरणदास चौक के नाम एवं उनकी प्रतिमा लगवाने का प्रस्ताव पास किया हुआ है। जिस पर महात्मा रामकरणदास मेला कमेटी द्वारा महात्मा रामकरणदास की प्रतिमा के लिए चंदा करके करीब तीन-चार फीट तक दीवार भी बनाई हुई है।
मोहल्ला के रामसिंह उर्फ बाबू, रामौतार सैनी, राकेश कुमार, डाक्टर रतनलाल, लोकेश कुमार उर्फ गांधी, लालचंद, अशोक कुमार सैनी व फूलचंद आदि लोगों ने बताया कि अब त्यौहारी सीजन पर तीन-चार दिन की लगातार सरकारी छुट्टïी को देखते हुए मुकेश कुमार, रामकिशोर व उसके परिवार वालों ने रातोंरात प्रतिमा स्थल पर बाहर की साइड टीन लगा दी और अंदर टीनशेड लगाने का काम शुरू कर दिया। शनिवार सुबह जब मोहल्ले के लोगों ने इस कब्जा कार्रवाई को देखा तो उन्होंने सबसे पहले इसकी सूचना नगर परिषद की चेयरपर्सन भारती सैनी व उनके पति संजय सैनी को दी। चेयरपर्सन को सूचना देने के बाद नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी छुट्टïी होने के बावजूद मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और उन्होंने कब्जाधारी को सख्त चेतावनी देते हुए तुरंत प्रभाव से काम बंद करवाया तथा अंदर की तरफ टीनशेड लगाने के लिए तैयार किए गए एंगल के ढांचे को भी हटवाया।
पुलिस में एफआइआर करवाई जा रही है: इओ
इस मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केके यादव ने बताया कि नप की टीम पहले भी इस अवैधकब्जा धारी को चेतावनी दे चुकी थी, लेकिन उपरोक्त साइट मामले में चल रहे केस में अदालत से स्टेटस-कॉ को के आदेश है। इओ ने कहा कि अदालत का स्टेटस-कॉ आदेश दोनों पक्षों के लिए होता है लेकिन वादी खुद ही बार-बार अदालत की अवमानना करके अवैध कब्जा व निर्माण कर रहा है। इओ ने कहा कि इस मामले में अवैध कब्जाधारी के खिलाफ पुलिस में एफआइआर करवाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा अदालत में अगली तारीख पर पूरे रिकार्ड के साथ पैरवी की जाएगी तथा अदालत से स्टेटस-कॉ को खारिज करने की गुहार करके पैमाइश के आदेश हासिल करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस सारे मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जा रही है।