सड़कों पर बेकाबू होने लगा किसानों का गुस्सा, टूटा धैर्य

सात दिन में मुआवजा नहीं मिला तो आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे


डीसी के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन

जिला सचिवालय पर किया प्रदर्शन, कहां अधिकारी हमें एक साल से भिखारी की तरह घूमा रहे हैं

जब जमीन का मुआवजा दे दिया तो स्ट्रक्चर का मुआवजा क्यों नहीं दे रहे

अपने लालच में रोक रखी है फाइलें, सरकार- मंत्रियों को कर रहे गुमराह


रणघोष अपडेट. रेवाड़ी


लगता है कि राज्य सरकार में बैठे मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी किसानों के मुआवजा को लेकर किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए मंगलवार को किसानों ने जिला सचिवालय पहुंचकर चेतावनी भी दे दी। उन्होंने कहा कि अगर सात दिन में उनकी जमीन के स्ट्रक्चर का मुआवजा नहीं दिया तो किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाएंगे। जिला सचिवालय स्थित राजीव चौक पर जल्द ही धरना प्रदर्शन एवं आमरण अनशन शुरू हो जाएगा। डीसी की अनुपस्थिति में सीटीएम ने भरोसा दिलाया कि किसानों की पीड़ा जायज है जल्द ही उच्च अधिकारियों को अवगत करा समाधान करा दिया जाएगा।

मंगलवार को काफी संख्या में किसान जिला सचिवालय पहुंचे। वहां उपायुक्त की अनुपस्थिति में सीटीएम देवेंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने विडियो भी जारी किया और कहा कि उनके साथ सरासर ज्यादती हो रही है। एचएसआईआईडीसी अधिकारियों ने पहले उनकी जमीन का अधिग्रहण किया। उसका मुआवजा दे दिया लेकिन उस पर बने स्ट्रक्चर की राशि देने में आनाकानी कर रही है। एक साल से वे संघर्ष कर रहे हैं। किसी तरह का कोई विवाद नहीं है बस अधिकारियों का अपना निजी लालच है जो पूरा नहीं होने पर मुआवजा जारी नहीं होने दे रहे। वे केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, भाजपा केंद्रीय संसदीय बोर्ड की सदस्या डॉ. सुधा यादव, कैबिनेट मंत्री डॉ. बनवारीलाल से लेकर भाजपा के अनेक सीनियर नेताओं को लिखित में अपनी पीड़ा से अवगत करा चुके हैं। डॉ. बनवारीलाल को अधिकारियों ने विश्वास भी दिलाया कि वे मुआवजा देंगे। कब देंगे यह नहीं बता रहे। यह सरासर अन्याय है। इसलिए सात दिन में मुआवजा नहीं मिला तो पीड़ित- दुखी किसान आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएगा। ज्ञापन देने वालों में भाकियू चढुनी अध्यक्ष समे सिंह, लाल सिंह, विपिन कुमार, राकेश कुमार, शंकुतला, नीलम, दीपचंद, राज सिंह, वेदप्रकाश, जगदीश समेत अनेक किसान मौजूद थे।

यह है पूरा मामला

        रेवाड़ी- धारूहेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खालियावास, ढुंगरवास, मसानी गांवों के किसानों की एमआरटीएस परियोजना (Mass.rapid transit system and allies use and early project DMIC) के विस्तारीकरण हेतु  एचएसआईआईडीसी द्वारा  अवार्ड 7 अगस्त 2020 के अंतर्गत जमीन अधिग्रहित की गई थी। 2020-21 में जिला रेवाड़ी में इस परियोजना के तहत कुल मुआवजा 201 करोड़ 53 लाख 62 हजार 130 रुपए अवार्ड हुआ। जिसमें 120 करोड़ रुपए जमीन अधिग्रहण के नाम पर किसानों को जारी कर दिए। बाकि 81 करोड़, 53 लाख, 62 हजार 130 रुपए की राशि इसी जमीन पर बने भवन की क्षतिपूर्ति के तौर पर 10 सितंबर 2021 को अवार्ड कर दिया गया। कायदे से अवार्ड के 30 दिन के भीतर यह राशि किसानों को मिल जानी चाहिए थी लेकिन एक साल तक हम इस राशि को लेकर संघर्ष करते आ रहे हैं। जिन किसानों की जमीन पर बने स्ट्रक्चर का मुआवजा निर्धारित हुआ था उसमें राजेश कुमार पुत्र वेदराम, लीलावती,  सतपाल पुत्र हेतराम, राजकुमार पुत्र वेदराम, शंकुतला पुत्री भूप सिंह, जितेंद्र पुत्र ओमप्रकाश, उदयभानन पुत्री रामकिशन, सतपाल पुत्र हयातराम,  रविकांत सैनी पुत्री सूर्यआकाश सैनी, व अन्य दो शामिल है । इसी तरह ढुंगरवास एचएडीबीएएसटी नंबर 194 के तहत जमीन को अधिग्रहित किया गया था। जिसमें किसान सुनरी पुत्री हरि सिंह, नारायण पुत्र जगदेव, ग्राम पंचायत, अनिल राव, उर्मिला पुत्री संतोष कुमार, सुमन सिंह, राजवीर, हरिप्रसाद, पुत्र किशनलाल, सुमित्रा पुत्री भूम सिंह, नरेंद्र पुत्र अमर सिंह, महेश प्रताप पुत्र महिपाल, रमेश चंद्र पुत्र हरि सिंह, गुलाब सिंह पुत्र महा सिंह को मुआवजा मिलना था। अधिकांश पीड़ितों की मुआवजा राशि 20 हजार, 40 हजार, 70 हजार से लेकर ढाई, तीन व चार लाख में आ रही है। यह राशि एचएसआईडीसी के द्वारा मिलनी है।

मुआवजा को लेकर इस तरह हो रही बेकाबू स्थिति

 रेवाड़ी में किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। थक हारकर नेताओं के पूतले फूंके गए। दो दिन पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, भाजपा संसदीय बोर्ड सदस्य डॉ. सुधा यादव को ज्ञापन दिया चुका है। राव इंद्रजीत सिंह के पास पहले भी ज्ञापन दे चुके हैं। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम चढुनी कुरुक्षेत्र व जींद नरवाना में यह मुददा उठा चुके हैं।  राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि वे जमीन पर बने स्ट्रक्चर का मुआवजा जल्दी दे देंगे। कब देंगे यह नहीं बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, सीएम मनोहरलाल से लेकर एचएसआईआईडीसी के सभी अधिकारियों के संज्ञान में यह पूरा मामला है। जिला रेवाड़ी का डीआरओ हालात को देखते हुए 15 बार मुआवजा को लेकर एचएसआईआईडीसी को रिमाइंडर भेज चुका है। कुल मिलाकर यह मामला सड़क पर आकर बेकाबू होता जा रहा है।