कभी ममता बनर्जी की करीबी रहीं लोकसभा सांसद सायोनी घोष मंगलवार को NDA की मीटिंग में पहुंचीं हैं। हालांकि, वह अकेली नहीं हैं। इनमें वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। खबर है कि इससे पहले ही सुदीप बंदोपाध्याय पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मुलाकात कर चुके हैं। कह जा रहा है कि वह बागी सांसदों से भी आज मिल सकते हैं।
मंगलवार सुबह संसद में एनडीए के सांसदों की अहम मंगल मिलन बैठक शुरू हो गई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। यह बैठक ऐसे समय पर हुई है, जब 12 बजे लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 चर्चा होने जा रही है। कहा जा रहा है कि इस विषय पर चर्चा के लिए कम से कम छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
कौन-कौन हुआ शामिल
एनडीए की इस बैठक में NCPI यानी नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर चुके तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के कई सांसद शामिल हुए। इनमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, सायनी घोष का नाम शामिल है। वही, भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचीं सुष्मिता देव समेत कई अन्य नेता भी बैठक में पहुंचे।
CM शुभेंदु अधिकारी से हो सकती है मीटिंग
पीटीआई भाषा के मुताबिक, अधिकारी मंगलवार को नई दिल्ली में उन 20 बागी सांसदों से दूसरी बार मिल सकते हैं, जो कम जानी-मानी पार्टी एनसीपीआई में शामिल हो गए थे। इस मुलाकात से इस संसदीय गुट के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, जिसमें भाजपा के साथ इसके संभावित विलय की बात भी शामिल है।
हालांकि, न तो एनसीपीआई और न ही भाजपा ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि मंगलवार की बैठक के एजेंडे में विलय शामिल है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अभी तक इन 20 बागी सांसदों के दल-बदल को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है, हालांकि सदन में उनके बैठने की व्यवस्था बदल दी गई है।
बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि बैठक एक बजे पश्चिम बंगाल सरकार के अतिथि गृह बंग भवन में होगी। रॉय ने कहा, ‘हमारे कई सांसदों के पास कुछ जरूरी मामलों को लेकर सवाल हैं और वे उन पर स्पष्टीकरण चाहते हैं; वे इन मामलों को मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं। साथ ही, उनके पास मुख्यमंत्री के सामने रखने के लिए कुछ मुद्दे और सुझाव भी हो सकते हैं।’