राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने टी जी मोहनदास की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। दरअसल केरल में आरएसएस से जुड़े रहे टी जी मोहनदास ने हाल दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनो पर विवादित बयान दिया है। मोहनदास ने कहा है कि अगर उनके पास कंट्रोल होता तो वे जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर गोलियां चला देते और जब वे मर जाते तो उन्हें अस्पताल पहुंचा देते। यहीं नहीं, उन्होंने महिलाओं के लिए भी आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और कहा कि प्रदर्शन में आने वाली महिलाओं को गैंगरेप से भी फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ऐसे लोग बलात्कार पसंद करने वाले लोग हैं।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए संघ ने कहा है कि मोहनदास के बयान उनकी निजी राय थे और ये संगठन के विचार नहीं हैं। आरएसएस के दक्षिण केरल प्रांत सह-कार्यवाह केबी श्रीकुमार ने कहा कि संगठन का मोहनदास द्वारा व्यक्त किए गए विचारों से कोई संबंध नहीं है और वह किसी भी तरह से ऐसी राय का समर्थन या उनसे सहमति नहीं रखता है।
क्या बोले श्रीकुमार?
श्रीकुमार ने कहा, “हाल के विरोध-प्रदर्शनों पर मोहनदास की टिप्पणियां उनके निजी विचार हैं। वे किसी भी स्तर पर आरएसएस के पदाधिकारी नहीं हैं, आरएसएस उनके विचारों से सहमत नहीं है और ऐसे बयानों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करता है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोहनदास आरएसएस में किसी भी स्तर पर कोई जिम्मेदारी या पद नहीं संभालते हैं। बता दें कि पूर्व में महात्मा भाजपा के इंटेलेक्चुअल सेल के स्टेट कन्वीनर रहे हैं इसके अलावा वह रस से जुड़े भारतीय विचार केंद्र में भी प्रमुख पोजीशन पर रह चुके हैं।
पुलिस ने दिए जांच के आदेश
इस बीच केरल सरकार ने नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ मोहनदास के कथित नफरत भरे भाषण की पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह उनके कथित बयानों की जांच करे और सरकार को रिपोर्ट सौंपे। इससे पहले विरोध प्रदर्शनों को लेकर मोहनदास के बयानों ने राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने उनके कथित बयानों की निंदा की है और मोहनदास के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों पर विवादित बयान
गौरतलब है कि विवाद तब शुरू हुआ मोहनदास ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि अगर उनके पास अधिकार होता तब वह जंतर-मंतर के आस-पास चार किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगा देते, प्रदर्शनकारियों को हटने के लिए तीन बार चेतावनी देते और फिर पुलिस फायरिंग का आदेश देते। इससे लोग डर के मारे वहां से भागने लगते और कुछ लोग मर जाते। उन्होंने कहा कि तीन-चार घंटे में हालात पूरी तरह सामान्य हो जाते। उसके बाद वो मरे हुए लोगों की लाशों को इकट्ठा करते और उन्हें अस्पताल लेकर जाते।
बलात्कार को पसंद करने वाले लोग हैं- मोहनदास
वीडियो में उन्होंने प्रदर्शनकारी महिलाओं के लिए भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं को बलात्कार पसंद होता है। मोहनदास ने कहा कि वहां पर गैंगरेप होंगे तो भी कोई शिकायत दर्ज नहीं होगी क्योंकि ऐसे लोग बलात्कार को पसंद करने वाले लोग हैं, खासकर लेफ्ट, सेकुलर और लोकतंत्र में भरोसा करने वाले लोग। इस वीडियो के सामने आते ही लोग सोशल मीडिया अपना गुस्सा जाहिर करने लगे। वहीं ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन ने इस मामले को लेकर केरल स्टेट पुलिस चीफ के पास शिकायत दर्ज कराई है।