क्या केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की दूसरी बड़ी मांग भी मान ली है। क्या बिहार की तरह दिल्ली दिल्ली और देश के दूसरे राज्यों में भी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे? सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने देर रात एक बजे कहा कि सरकार ने उन्हें इस बात की गारंटी दे दी है कि बिहार की तरह दिल्ली और दूसरे राज्यों में भी केस वापस लिए जाएंगे और इसकी घोषणा मंगलवार को कर दी जाएगी।
सौरव दास ने देर रात एक वीडियो में कहा, ‘दोस्तों रात के एक बजे हैं, अभी हम लोगों ने दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों से बात की है, जो हमारी चर्चा के लिए वार्ताकार के रूप में बात कर रहे थे। उन्होंने हमसे पूछा कि क्या-क्या दिक्कतें आ रही हैं। हमने बताया कि जो वादे सरकार ने किए थे, हमें आशंका है कि पूरे नहीं किए जाएंगे। वह अपने साथ बिहार में गृह विभाग की ओर से जारी वह प्रेस रिलीज लाए थे, जिसमें कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी केस वापस लिए जाएंगे और भविष्य में भी कार्रवाई नहीं होगी। हम लोग बैठकर बात कर रहे थे कि और कौन कौन से राज्य इस तरह की घोषणा कर सकते हैं। हम करीब 2 घंटे से चर्चा कर रहे थे।’
सौरव दास ने कहा- मंगलवार को नोटिफिकेशन जारी करने का वादा
दास ने केस वापस लिए जाने पर गारंटी दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘सरकार ने हमें गारंटी दी है कि कल (मंगलवार) तक सभी नोटिफिकेशन निकल जाएंगे और प्रदर्शनकारी सुरक्षित हो जाएंगे। भविष्य में भी उन पर कार्रवाई नहीं होगी।’सौरव दास के साथ सीजेपी की दूसरी प्रवक्ता रत्ना सिंह ने भी यही दावा किया। लीगल डिपार्टमेंट का काम देख रहीं रत्ना ने कहा, ‘हमें यह भी कहा गया है कि जो भी नोटिफिकेशन आ रहे हैं, उसके के अलावा भी हमें पता लगे कि कहीं और केस हो रहा है तो वहां की भी सूचना दें। यदि आपके पास कोई सूचना है तो हमें बताएं। हम सुनिश्चित करें कि जिन भी प्रदर्शनकारियों ने अपने अपने शहर में प्रदर्शन किया है उनमें से किसी पर भी कार्रवाई ना हो।’ सौरव दास ने कहा कि अभिजीत दीपके समेत उनकी पूरी टीम प्रदर्शनकारियों के लिए काम कर रही है और उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।
सीजेपी की 3 मांगें क्या थीं
सीजेपी ने छात्र आंदोलन खत्म होने से पहले सरकार के सामने तीन मांगें रखीं थीं। पहली यह कि शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए। सबसे बड़ी यह मांग पहले ही तब पूरी हो गई थी जब प्रधान ने खुद अपना पद त्याग करने की घोषणा कर दी। सीजेपी को दूसरी मांग सभी प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से छूट देना और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले स्टूडेंट्स के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देना है।सरकार ने सैद्धांतिक रूप से इन दो मांगों पर भी सहमति दी थी, लेकिन अभी आधिकारिक घोषणा बाकी है।
बिहार सरकार ने क्या की है घोषणा
बिहार सरकार ने घोषणा की है कि वह 26 जुलाई को शाम 6:00 बजे से पहले बिहार में कहीं भी हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी। सरकार इन विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी सभी FIR, आपराधिक शिकायतों और कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू करेगी। ऐसे मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी लोगों को रिहा करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भविष्य में कोई कार्रवाई न हो।