हैदराबाद पुलिस ने राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में तैनात ट्रेनी आईपीएस अधिकारी एम. उदय कृष्णा रेड्डी को एक अन्य महिला ट्रेनी आईपीएस अधिकारी के यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप में हिरासत में ले लिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पीड़िता और आरोपी दोनों ही हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रोबेशनर के रूप में कार्यरत हैं।
आपको बता दें कि उदय कृष्णा रेड्डी इससे पहले आंध्र प्रदेश पुलिस में एक कांस्टेबल थे। 2019 में उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा की तैयारी में जुट गए। वर्ष 2024 में जब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की तो उनका कांस्टेबल से आईपीएस बनने का यह सफर काफी चर्चा में रहा था। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी उन्हें बधाई दी थी।
अश्लील मैसेज भेजने के आरोप
पीड़िता ट्रेनी महिला अधिकारी ने 18 जुलाई को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रेड्डी 23 जून से ही उनका उत्पीड़न कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी पर व्हाट्सऐप पर अश्लील मैसेज भेजने और अकादमी में अन्य ट्रेनी के सामने पीड़िता पर आपत्तिजनक व अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है।
प्राइवेट चैट भी देखे
पीड़िता का आरोप है कि रेड्डी ने उनके चरित्र पर पूरी तरह से बेबुनियाद आरोप लगाए कि उनका किसी अन्य ट्रेनी के साथ संबंध है। इसके बाद आरोपी ने जबरन उनसे फोन अनलॉक कराकर उनकी निजी चैट देखी और मैसेज दिखाने के लिए ब्लैकमेल किया। शिकायत में कहा गया है, “9 जुलाई को रेड्डी ने मुझे रोका और जबरन अपने कमरे में ले गया। वहां उसने मेरे बाल पकड़े और मेरा गला घोंटने की कोशिश की। उसने मेरी गर्दन पर चाकू रख दिया और मुझे कमरे से बाहर नहीं निकलने दिया।” महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि 10 जुलाई को भी आरोपी ने उनके साथ मारपीट की।
प्राइवेट VIDEO भी रिकॉर्ड
पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी ने उनकी सहमति या जानकारी के बिना उनका एक निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से उसे उनके पति को भेज दिया। साथ ही झूठी और अपमानजनक बातें फैलाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की।
मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद हैदराबाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी ट्रेनी आईपीएस को हिरासत में ले लिया है। आरोपी उदय कृष्णा रेड्डी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एफआईआर के बाद अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, “मेरे खिलाफ दर्ज कराई गई शिकायत और फैलाई जा रही अफवाहें पूरी तरह से बेबुनियाद और असत्य हैं। मुझे कानूनी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और विश्वास है कि न्याय की जीत होगी।”