Who is Shehzad Poonawalla: भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन उनके बदले हुए बायो और संकेतों ने पूरी कहानी साफ कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवी पर मजबूती के साथ भाजपा और पीएम मोदी की नीतियों का बचाव करने वाले 38 साल के शहजाद पूनावाला ने पार्टी लीडर शिप को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
कांग्रेस से अपनी राजनीतिक पार्टी की शुरुआत करने वाले शहजाद पूनावाला आखिर कैसे भाजपा के सबसे मजबूत प्रवक्ता बने। आइए जानते हैं, उनकी पूरी कहानी…
पुणे के पैदा हुए, पेशे से वकील हैं शहजाद
राजनीति में आने से पहले शहजाद पूनावाला वकील और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करते थे। 1987 में पुणे में पैदा हुए शहजाद पूनावाला के पिता का निधन जल्दी हो गया था। इसके बाद उनकी मां यास्मिन पूनावाला ने शहजाद और उनके भाई तहसीन को संभाला। उनके भाई तहसीन पूनावाला सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर जाने जाते हैं। पहले दोनों भाई साथ में कांग्रेस के लिए काम किया करते थे। लेकिन बाद में जब शहजाद ने कांग्रेस से अलग होने का फैसला किया, तो दोनों भाइयों के बीच में भी दरार आ गई।
कांग्रेस से की राजनीतिक पारी की शुरुआत
शहजाद पूनावाला ने अपनी राजनीति पारी की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की। 2008 में वह अपनी क्षमता के आधार पर लगातार आगे बढ़ते गए। कांग्रेस युवा मोर्चा में वह पुणे के उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के मीडिया सेल में काम किया और उसके बाद महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव के रूप में काम किया।
2017 में कांग्रेस पार्टी से राहें हुईं जुदा
शहजाद पूनावाला और कांग्रेस पार्टी की राहें 2017 में जुदा हो गईं। शहजाद ने कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए होने वाले चुनावों पर सवाल उठाया और उनमें धांधली का आरोप लगाया। शहजाद ने कहा कि पूरा इकोसिस्टम राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने इलेक्शन में पारदर्शिता की मांग करते हुए राहुल गांधी से पद से इस्तीफा देकर एक आम कार्यकर्ता की तरह चुनाव लड़ने की अपील की। इसके बाद पार्टी से तनाव के चलते उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात चुनाव में की तारीफ
शहजाद पूनावाला लगातार कांग्रेस पार्टी पर निशाना साध रहे थे। उसी समय गुजरात में विधानसभा चुनाव हो रहा था। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहजाद पूनावाला की तारीफ करते हुए उनकी हिम्मत की दाद दी। इसके बाद शहजाद पूनावाला का राजनैतिक ग्राफ पूरी तरह से बदल गया। वह पार्टी में शामिल हो गए और कुछ ही समय बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बना दिया गया। इसके बाद वह पूरे दमखम के साथ टेलीविजन पर भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी का बचाव करते नजर आए।
भाजपा का मजबूत चेहरा बने शहजाद पूनावाला
कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद भी शहजाद पूनावाला जल्दी ही पार्टी के लिए एक मजबूत चेहरा बन गए। हिंदूवादी पार्टी में एक मुस्लिम प्रवक्ता का होना भी पार्टी के लिए अच्छा साबित हुआ। अपने कार्यकाल में पूनावाला ने यूसीसी, तीन तलाक और सीएए बिल जैसे तमाम संवेदनशील मुद्दों पर सरकार की सोच को जनता के सामने रखा।
अब भाजपा से दिया इस्तीफा
भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख प्रवक्ता के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले शहजाद पूनावाला ने भाजपा से भी इस्तीफा दे दिया है। अपने इस फैसले के पीछे पूनावाला ने कुछ कारण बताए हैं। एक पुराने पॉडकॉस्ट के दौरान उन्होंने कहा कि वह 2024 के बाद ही सक्रिय राजनीति से इस्तीफा देना चाहते थे। लेकिन लोकसभा चुनाव 2024 के बाद पीएम मोदी के चेहरे के भाव के बाद वह रुक गए। उन्होंने सोचा कि आने वाले समय में बड़े चुनावों जैसे बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार में भाजपा की मदद करने के बाद इस्तीफा दिया जा सकता है।