PM-किसान पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कैबिनेट बैठक में एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को अगले पांच साल 2030-31 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दे दी गई है। यह जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। इसके अलावा, मोदी कैबिनेट ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (PM-SSY) को मंजूरी दे दी है।

बहरहाल, पीएम-किसान पर खुशखबरी ऐसे समय में आई है जब योजना के लाभार्थी किसान 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 24वीं किस्त अक्टूबर के महीने में जारी कर दी जाएगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नवरात्रि के दौरान किस्त जारी की जा सकती है।

23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपये

पीएम-किसान योजना के तहत 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। 23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को फायदा पहुंचा। आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने लाभार्थियों के खाते में 18,984 करोड़ रुपये से अधिक रकम जारी की थी। कोविड-19 महामारी के दौरान, किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी गई। PM-KISAN के तहत महिला किसानों को 1.06 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम मिली है और हर चार लाभार्थियों में से लगभग एक महिला किसान है।

2019 में शुरुआत

बता दें कि साल 2019 में योजना की शुरुआत हुई थी। योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को 6,000 रुपये की वार्षिक वित्तीय सहायता मिलती है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) व्यवस्था के माध्यम से उनके आधार से जुड़े बैंक खातों में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में दी जाती है।

ई-केवाईसी जरूरी

पीएम-किसान योजना के लाभ के लिए ई-केवाईसी जरूरी होता है। यह ओटीपी-आधारित प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और चेहरे की प्रमाणीकरण के जरिए किया जा सकता है। पीएम-किसान वेब पोर्टल लाभार्थी पंजीकरण, सत्यापन और डेटा प्रबंधन के लिए केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करता है।

मोदी सरकार के अन्य फैसले

इसके अलावा, सरकार की कैबिनेट ने ‘प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना’ (PM-SSY) को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मकसद देश में फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (FSPV) क्षमता को बढ़ाना है। इस योजना के तहत पांच सालों में 5,000 MW की FSPV क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है, जो अभी लगी हुई लगभग 700 MW क्षमता से सात गुना से भी अधिक है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *