माफिया रहे अतीक अहमद के बेटे आबान की गुरुवार को झांसी में दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि उसके सिर में गाड़ी के पार्ट्स धंस गए थे और हाथ पैर भी टूट गए थे। यही हाल ड्राइवर का भी हुआ। खबर है कि मौत से पहले आबान ने लोगों से उसे बचाने की अपील की थी। अब खबर है कि इसकी मुख्य वजह रफ्तार और कार का तेज रफ्तार में ईंट पर चढ़ जाना रही।
हादसे की अब तक की जांच में सामने आया है कि इसकी मुख्य वजह कार की तेज रफ्तार रही। हल्की बारिश के बीच कार बेकाबू होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। हालांकि मवेशी के सामने आने और हाईवे पर पड़ी ईंट पर कार का पहिया चढ़ने से अनियंत्रित होने की बात भी कही जा रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रफ्तार ही मुख्य वजह सामने आई है। हालांकि हादसे से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कराई जा रही है।
मेरा नाम आबान है..मुझे बचा लो। कार हादसे में जान गंवाने वाले माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे के शायद यह आखिरी शब्द थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कार पलटी देख वह पास गया तो आगे की सीटे पर बैठे युवक के मुंह में खून भरा था। उसने अपना नाम आबान बताते हुए बचाने की गुहार लगाई। चालक कार की स्टेयरिंग में बुरी तरह से फंसा हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शी दीपक ने बताया कि हादसा काफी भयानक था। जिस तरह से कार अनियंत्रित होकर घिसटते हुए पलटी उससे लग रहा था कि इसकी रफ्तार काफी तेज थी। डिवाइडर से टकराने के बाद कार करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई। अंदर फंसे लोगों की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचा तो अंदर का नजारा देख कलेजा कांप गया। सभी सवार बुरी तरह से खून से लथपथ थे। आगे की सीट पर बैठे युवक का मुंह खून से भरा था। उसने अपना नाम आबान बताते हुए बचाने की गुहार लगाई।
दीपक ने बताया कि उन्होंने दो-तीन लोगों के साथ मिलकर कार का गेट खोलने का प्रयास भी किया लेकिन लॉक होने की वजह से वह खुल नहीं सके। कुछ ही देर में पहुंची पुलिस की मौजूदगी में लोहे के सब्बल से कार का गेट और शीशे तोड़कर काफी मशक्कत के बाद अंदर फंसे पांच लोगों को बाहर निकाला गया। कार के आगे का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने की वजह से आगे की सीट पर बैठे युवक और चालक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।