कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को आतंकी धमकी! कर्मचारियों को 25 अगस्त तक दफ्तर न आने की सलाह

कथित धमकी में नाम, फोन नंबर और कार्यस्थल की जानकारी लीक होने का दावा; 3 हजार से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में, घाटी में सुरक्षा बढ़ाई गई

रणघोष न्यूज़। श्रीनगर।

जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कथित आतंकी धमकी मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। कश्मीरी पंडितों के संगठन पनुन कश्मीर के एक प्रवक्ता के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल के नाम से जारी एक कथित धमकी भरे संदेश में कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ सदस्यों के नाम और टेलीफोन नंबर सार्वजनिक किए गए हैं।

दावे के मुताबिक, संदेश में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। हालांकि, इस कथित धमकी पत्र की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन ने भी इस संबंध में सार्वजनिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा करने से परहेज किया है।

सुरक्षा को देखते हुए घाटी में तैनात कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को 25 अगस्त तक कार्यालय नहीं आने की सलाह दिए जाने की बात सामने आई है। उन्हें स्वतंत्रता दिवस से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की ड्यूटी से भी तत्काल राहत दिए जाने की जानकारी है। कुछ कर्मचारी कथित तौर पर जम्मू की ओर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।

कथित धमकी में कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी सामने आने को लेकर भी चिंता जताई गई है। पनुन कश्मीर का दावा है कि संदेश में केवल सामान्य धमकी नहीं दी गई, बल्कि कुछ कर्मचारियों के नाम, फोन नंबर, कार्यस्थल और परिवार से जुड़ी जानकारियां तक साझा की गईं। यदि यह सामग्री वास्तविक पाई जाती है तो सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह गंभीर सुरक्षा चुनौती मानी जाएगी।

इस बीच, 22 जुलाई को अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की हत्या के बाद सुरक्षा बलों ने घाटी में आतंकियों के नेटवर्क और उनके मददगारों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 3,000 से अधिक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स को हिरासत में लिया गया।

कश्मीर में अल्पसंख्यक कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा नया नहीं है। प्रधानमंत्री पैकेज के तहत बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों को घाटी में सरकारी नौकरियां दी गई थीं। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत कश्मीरी प्रवासियों के लिए 3,000 सरकारी नौकरियां सृजित की गई थीं और हजारों कर्मचारियों के लिए आवासीय व्यवस्था भी विकसित की जा रही थी।

साल 2022 में भी घाटी में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने के बाद समुदाय में सुरक्षा को लेकर बड़ा आक्रोश देखने को मिला था। ऐसे में ताजा धमकी की खबर ने घाटी में काम कर रहे कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है।

सुरक्षा एजेंसियां कथित धमकी की वास्तविकता, इसके स्रोत और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की जांच कर रही हैं। फिलहाल घाटी में संवेदनशील इलाकों, अल्पसंख्यक कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्रों और प्रमुख प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा तथा निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्वतंत्रता दिवस के दौरान किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम करने के साथ-साथ घाटी में काम कर रहे अल्पसंख्यक कर्मचारियों में भरोसा कायम रखने की है।

नोट: इस रिपोर्ट में कथित धमकी और उससे जुड़े दावों को उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। धमकी पत्र की स्वतंत्र पुष्टि होने तक इसे पुष्ट आतंकी धमकी के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

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