फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में हुए गंभीर टर्बुलेंस और मेन पायलट के ‘गांजा’ पीने और डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद एक चिंता पैदा हो गई। एयरलाइन ने इसके बाद एक बड़ा डोप टेस्ट अभियान चलाया है। एयर इंडिया के चलाए जा रहे विशेष ड्रग्स और नशीले पदार्थों के जांच अभियान के दौरान दो और पायलट शुरुआती स्क्रीनिंग टेस्ट में पास नहीं हो पाए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया, एहतियातन दोनों पायलटों को रोस्टर से हटा दिया गया है। अब यह पता लगाने के लिए कन्फर्मेटरी लैब टेस्ट कराए जा रहे हैं कि यह नतीजा किसी प्रतिबंधित नशीले पदार्थ की वजह से आया है या वे किसी अन्य बीमारी की दवा ले रहे थे।
400 से ज्यादा पायलटों का हो चुका है टेस्ट
टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने 4 अगस्त को फुकेत-दिल्ली की फ्लाइट (AI2379) में हुई खौफनाक टर्बुलेंस घटना के बाद अपने पूरे पायलट वर्कफोर्स यानी करीब 5,000 से ज्यादा पायलटों का ड्रग टेस्ट कराने का निर्णय लिया था।
एयरलाइन अब तक लगभग 400 पायलटों का टेस्ट कर चुकी है। DGCA के नियमानुसार सालाना कम से कम 10% चालक दल का रैंडम टेस्ट करना अनिवार्य होता है, लेकिन एयर इंडिया ने यात्रियों का भरोसा बहाल करने के लिए अपने सभी पायलटों की शत-प्रतिशत जांच का फैसला लिया।
इस जांच के तहत केवल नशीले पदार्थ ही नहीं, बल्कि एविएशन नियमों के तहत प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का भी पता लगाया जा रहा है।
क्या था ‘फुकेट-दिल्ली’ विमान हादसा?
4 अगस्त 2026 को फुकेत से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का एयरबस A320neo (फ्लाइट AI2379) जब ओडिशा तट के ऊपर उड़ान भर रहा था, तब अचानक 300 फीट से ज्यादा नीचे गिर गया।
विमान में झटका इतना तेज था कि बिना सीट बेल्ट बांधे बैठे 20 यात्री और 4 केबिन क्रू सदस्य हवा में उछलकर छत से जा टकराए और घायल हो गए।
शुरुआती जांच में एयरलाइन ने इसे ‘टर्बुलेंस’ बताया था, लेकिन बाद में कॉकपिट रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि पायलट-इन-कमांड नशे में धुत्त था। वह कॉकपिट के फर्श पर बैठा हुआ था और धूम्रपान करने की कोशिश कर रहा था।
इसी दौरान विमान में तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में प्रेशर कम होने और ऑटोपायलट बंद होने के मैसेज आए थे। को-पायलट ने अकेले किसी तरह विमान को संभाला और दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग कराई।
लैंडिंग के बाद जब क्रू का डोप टेस्ट कराया गया, तो मेन पायलट का कन्फर्मेटरी टेस्ट गांजे के सेवन के लिए पॉजिटिव आया।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) इस पूरे मामले और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन की गहन जांच कर रहे हैं।