CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी की मुहिम के बाद अब राजस्थान सरकार अलर्ट मोड में नजर आ रही है। खबर है कि शनिवार को ही आदेश जारी किया गया है, जिसमें स्कूलों की स्थिति की सुधार के लिए 12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मंजूर किए गए हैं। साथ ही जिस क्षेत्र में सीजेपी कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ था, वहां 1 सितंबर से ही काम शुरू होने जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान सरकार ने 3 साल का प्लान पेश किया है, जिसके तहत 12 हजार 500 करोड़ रुपये खर्च कर स्कूलों को बेहतर बनाया जाएगा। खास बात है कि यह विवाद ऐसे समय पर खड़ा हुआ था, जब स्थानीय चुनाव होने हैं। वहीं, सीजेपी और विपक्षी दलों ने इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर चर्चाएं शुरू कर दी थीं।
क्या सीजेपी है वजह
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘CJP की ओर से नागरिकों से सरकारी स्कूलों का दौरा करने और उनकी हालत का ब्यौरा तैयार करने की अपील और उसके बाद कांग्रेस द्वारा स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर को राजनीतिक मुद्दा बनाने से इस अभियान को गति मिली है। अगर इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया जाता, तो विपक्ष को स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपनी बात रखने और नैरेटिव तय करने का मौका मिल जाता।’
क्या है पूरा प्लान
प्रस्तावित रोडमैप के तहत 2 हजार 487.7 करोड़ रुपये के खर्च से 3587 नए स्कूल भवन बनाए जाएंगे। जबकि, 83,783 क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। इसमें 8 हजार 378.3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसके अलावा 22,589 स्कूलों में रिपेयरिंग कराने में 1 हजार 129.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 340.4 करोड़ रुपये में 13,616 टॉयलेट कॉम्प्लैक्स तैयार होंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का कहना है कि 3 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।
रामपुरा को क्या मिलेगा
राजस्थान सरकार ने जयपुर जिले के सांगानेर प्रखंड के रामपुरा (कंवरपुरा) में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नए भवन का निर्माण एक सितंबर से शुरू करने की घोषणा की है। सरकार ने विद्यालय के नए भवन के लिए 18 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इसमें 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट से तथा छह लाख रुपये विधायक कोष से मंजूर किए गए हैं।
राज्य सरकार के अनुसार, तकनीकी सर्वेक्षण के बाद सितंबर 2025 में रामपुरा स्थित विद्यालय के भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया था और इसके बाद उसे उपयोग में नहीं लिया जा रहा था।